Edited By Subhash Kapoor,Updated: 20 Oct, 2026 10:55 PM

पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC के करीब 7 हजार ठेका कर्मचारियों ने 21 अक्टूबर से पूर्ण हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी...
पंजाब डैस्क : पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC के करीब 7 हजार ठेका कर्मचारियों ने 21 अक्टूबर से पूर्ण हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा सत्र के दौरान घेराव किया जाएगा और मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का फैसला किया है। इससे राज्य में सरकारी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इनमें ठेकेदारी व्यवस्था खत्म कर आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने, विभिन्न आंदोलनों के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज केस रद्द करने और पनबस में सर्विस रूल बनाकर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग शामिल है।
मांगें नहीं मानीं तो CM आवास का करेंगे घेराव
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर समाधान नहीं निकलने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारी विधानसभा सत्र के दौरान घेराव करने के साथ मुख्यमंत्री आवास के बाहर पक्का धरना देंगे। अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच कोई सहमति बनती है या यात्रियों को सरकारी बसों की हड़ताल का सामना करना पड़ता है।