Driving License को लेकर नई मुसीबत! हजारों आवेदन अटके, लोग ट्रैक से लौट रहे खाली हाथ

Edited By Vatika,Updated: 07 Oct, 2026 12:17 PM

new trouble regarding driving licenses

सैक्रेटरी आर.टी.ए. से संबंधित ट्रांसपोर्ट विभाग के ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक में एक बार फिर से अफसरशाही हावी

अमृतसर (नीरज) : सैक्रेटरी आर.टी.ए. से संबंधित ट्रांसपोर्ट विभाग के ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक में एक बार फिर से अफसरशाही हावी होती नजर आ रही  क्योंकि विजीलैंस जांच इस समय ठंडे बस्ते में जा चुकी है। आप सरकार ने सत्ता में आते ही अपने पहले वर्ष के कार्यकाल के दौरान न सिर्फ अमृतसर बल्कि जालंधर, लुधियाना व अन्य बड़े जिलों के ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर एक साथ रेड करके रिकार्ड जब्त किया और बड़े मगरमच्छों पर पर्चे भी दर्ज किए लेकिन जैसे ही जांच ठंडी पड़ी वैसे ही अफसरशाही फिर से ऑटोमेटिड ट्रैक के मामले में हावी होती नजर आ रही है।

जानकारी के अनुसार सैक्रेटरी आर.टी.ए. हितेशवर गुप्ता की तरफ से अमृतसर जिले के ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर तैनात रैगुलर ए.डी.टी.ओ. मनदीप सिंह सोही को हटाकर उनके स्थान पर तरनतारन जिले के ए.टी.ओ. मनिंदर सिंह जिनके पास अमृतसर का एडीशनल चार्ज है उनको ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर तैनात कर दिया है जबकि सच्चाई यह है कि मनिंदर सिंह सप्ताह में सिर्फ 2 दिन अमृतसर में काम कर सकते हैं। ऐसे में ऑटोमेटिड ट्रैक जहां रैगुलर ए.डी.टी.ओ. की तैनाती होना जरूरी है वहां एडिशनल ए.टी.ओ. कैसे काम करेगा इस पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है और सैक्रेटरी आर.टी.ए. की तरफ से की गई तैनाती पर भी सवालिया निशान खड़ा हो रहा है।

3 हजार से ज्यादा आवदेनों की पैंडैंसी
रैगुलर ए.डी.टी.ओ. की तैनाती न होने के कारण अकेले अमृतसर के ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर ही 3 हजार से ज्यादा आवेदनों की पैंडैंसी खड़ी हो गई है जिसको क्लीयर करना आसान काम नहीं है। लोग ट्रैक पर आते हैं और अफसर न मिलने के कारण निराश होकर वापस लौट जाते हैं। इस पैंडैंसी में नए लर्निंग व पक्के ड्राइविंग लाइसैंस, व्हीकल एडिशन व अन्य प्रकार के सरकारी काम आते हैं जिनको ए.डी.टी.ओ. ही क्लीयर करता है लेकिन ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर इस समय हालात असामान्य नजर आ रहे हैं।

पूर्व सैक्रेटरी आर.टी.ए. ने बदल दिया था ट्रैक का पूरा स्टॉफ
ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक की बात करें तो पता चलता है कि विजीलैंस विभाग की कार्रवाई से पहले ट्रैक पर एजैंटों का मकडज़ाल फैला हुआ था और ट्रैक के कर्मचारी मोटी रिश्वत लेकर लोगों को परेशान कर रहे थे। पूर्व आर.टी.ए. अर्शदीप सिंह लुबाना व खुशदिल सिंह संधू ने अपने-अपने कार्यकाल के दौरान ऑटोमेटिड ट्रैक पर बड़े प्रशासनिक सुधार किए और न सिर्फ उन मठाधीश कर्मचारियों व अधिकारियों को ट्रैक से तबादला किया बल्कि ट्रैक पर एक नहीं बल्कि दो-दो ए.डी.टी.ओ. तैनात कर दिए जिससे जनता को काफी लाभ मिला और हर दिन एक ए.डी.टी.ओ. सरकारी समय के दौरान ट्रैक पर तैनात रहता था और जनता की समस्याओं का मौके पर निपटारा करता था लेकिन मौजूदा हालात ने फिर विजीलैंस विभाग सहित अन्य सरकारी एजैंसियों का ट्रैक पर फोकस कर दिया है जिससे आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई होने की पूरी संभावना है।

एस.टी.सी. और विजीलैंस विभाग को शिकायत
ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक के बिगड़े हालात को देखते हुए वॉयस ऑफ अमृतसर सिटी के प्रधान विजय कुमार अग्रवाल की तरफ से ना सिर्फ स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर बल्कि विजीलैंस विभाग को भी शिकायत की है और पुरानी जांच का हवाला देते हुए फिर से मौजूदा हालातों को ठीक करने के लिए शिकायत व अपील की गई है। उनका कहना है कि ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग टैस्ट आदि देने के लिए आते हैं ऐसे में यहां पर रैगुलर ए.डी.टी.ओ. की तैनाती की जाए।

विजीलैंस का खौफ नहीं या फिर राजनीतिक हस्तक्षेप
सैक्रेटरी आर.टी.ए. की तरफ से जिस प्रकार से एक एडिशनल ए.टी.ओ. को ट्रैक पर तैनात कर दिया गया है उससे ऐसा प्रतीत होता है मानो सैक्रेटरी आर.टी.ए. को विजीलैंस विभाग का कोई खौफ नहीं रहा है या फिर उनके आदेशों में राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है। इस संबंध में विजीलैंस हैडक्वार्टर चंडीगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामला संगीन है, फ्लाइंग स्कवॉयड से जांच करवाई जा सकती है।

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