Edited By Subhash Kapoor,Updated: 22 Oct, 2026 06:45 PM

जालंधर में आम आदमी पार्टी के पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके दो बेटों को लेकर जमीन की रजिस्ट्रियों का मामला सामने आया है। जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीनानाथ प्रधान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका निवासी एक NRI की मौत के बाद महज 15 दिनों के...
जालंधर: जालंधर में आम आदमी पार्टी के पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके दो बेटों को लेकर जमीन की रजिस्ट्रियों का मामला सामने आया है। जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीनानाथ प्रधान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका निवासी एक NRI की मौत के बाद महज 15 दिनों के भीतर उसकी जमीन से संबंधित 11 रजिस्ट्रियां करवा ली गईं। इनमें से 7 रजिस्ट्रियां एक ही दिन में होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दीनानाथ प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह मामला जालंधर के लद्देवाली इलाके में कृष्णा स्वीट्स के पीछे स्थित जमीन से जुड़ा है। उनके अनुसार, अमेरिका निवासी दलविंद्र सिंह मिन्हास ने 40 मरले जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी पार्षद के बेटे सुमित सिंह के नाम की थी। प्रधान का दावा है कि इसके बाद दलविंद्र सिंह मिन्हास की मौत हो गई और उनकी मौत की सूचना मिलने वाले दिन से ही जमीन की रजिस्ट्रियां करवानी शुरू कर दी गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां पावर ऑफ अटॉर्नी 40 मरले जमीन की थी, वहीं कथित तौर पर 43 मरले 469 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्रियां करवाई गईं। इस आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि निर्धारित जमीन से अधिक क्षेत्रफल की रजिस्ट्रियां कैसे हुईं और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही।
दीनानाथ प्रधान ने पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जालंधर के डिप्टी कमिश्नर, विजिलेंस विभाग, पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को शिकायत दी जाएगी। उन्होंने मामले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग भी उठाई। फिलहाल यह मामला कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके बेटों का पक्ष सामने आने तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।