Edited By Subhash Kapoor,Updated: 22 Oct, 2026 09:48 PM

: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे कि 2027 में पंजाब में NDA की सरकार बनेगी, के बाद भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच दोबारा गठबंधन की संभावनाओं...
पंजाब डैस्क : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे कि 2027 में पंजाब में NDA की सरकार बनेगी, के बाद भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच दोबारा गठबंधन की संभावनाओं पर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। शाह ने दिल्ली में कहा कि पंजाब की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। हालांकि, अमित शाह ने अकाली दल के साथ गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।
शाह के बयान के बाद सियासी गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या भाजपा और अकाली दल एक बार फिर साथ आकर पंजाब चुनाव लड़ेंगे। इसकी वजह यह है कि पंजाब में NDA के पुराने राजनीतिक समीकरणों में अकाली दल भाजपा का प्रमुख सहयोगी रहा है।
बता दें कि भाजपा और अकाली दल का करीब 24 साल पुराना गठबंधन सितंबर 2020 में तीन कृषि कानूनों को लेकर विवाद के बाद टूट गया था। उस समय अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी ने NDA से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। लेकिन अब एक बार फिर से दोनों दलों के संभावित साथ आने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।