गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब दौरा नशा पीड़ित परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण: केवल सिंह ढिल्लों

Edited By Kamini,Updated: 19 Oct, 2026 06:28 PM

kewal singh dhillon

पंजाब में नशे की समस्या और मौजूदा हालात को लेकर केंद्र सरकार की गंभीरता का परिचय देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पंजाब दौरे के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे।

चंडीगढ़ : पंजाब में नशे की समस्या और मौजूदा हालात को लेकर केंद्र सरकार की गंभीरता का परिचय देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पंजाब दौरे के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। यह जानकारी देते हुए भाजपा पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि गृह मंत्री मानसा में परमिंदर सिंह झोटा, संगरूर जिले के तूर बंजारा में गुलजार सिंह के परिवार और गुरदासपुर जिले के माड़ी पनवां में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे।

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या और लोगों में बढ़ती चिंता को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब आना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस दौरे से नशे के कारण प्रभावित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में उम्मीद की नई किरण जगी है। उन्होंने इस पहल के लिए अमित शाह का धन्यवाद किया। ढिल्लों ने परमिंदर सिंह झोटा के पिता सरदार भीम सिंह फौजी का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग और प्रभावित परिवार चाहते हैं कि नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो और पीड़ितों को न्याय मिले। उन्हें उम्मीद है कि गृह मंत्री के हस्तक्षेप से इन मामलों को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा।

ढिल्लों ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य नशे जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा है और लोग न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ऐसे समय में मुख्यमंत्री भगवंत मान का विदेश दौरों पर जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब को इस समय बयानों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम देने वाली सरकार की जरूरत है। उनके अनुसार, एक तरफ पंजाब के परिवार नशे के दुष्प्रभावों से जूझ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य के तहत 31 दिसंबर, 2029 तक पंजाब से नशे के खात्मे का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी, परिवारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे के कोढ़ से मुक्त करने के लिए सख्त कार्रवाई, नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। ढिल्लों ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार पंजाब को नशामुक्त बनाने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेगी।

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