Edited By Subhash Kapoor,Updated: 14 Oct, 2026 06:14 PM

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार...
नई दिल्ली/चंडीगढ़ : पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
ढिल्लों ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कट्टर ईमानदारी के बड़े-बड़े दावे करने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब से नशा खत्म करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद लोग आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों को गांवों में घुसने नहीं देंगे। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह भी मौजूद थे।
ढिल्लों ने तरनतारन के खालड़ा सीमावर्ती क्षेत्र में 15 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए एक पुलिसकर्मी का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना सरकार के नशा-विरोधी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा, “अगर रक्षक ही नशे के सौदागर बन जाएंगे, तो पंजाब की जवानी को कौन बचाएगा?”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान बड़ी-बड़ी रैलियों में नशा खत्म करने के दावे करते थे, लेकिन आज उनके प्रशासन की स्थिति यह है कि नशा रोकने वाले ही नशा तस्करी में शामिल पाए जा रहे हैं।
उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इन एजेंसियों ने नशे की इतनी बड़ी खेप पकड़कर ‘आप’ सरकार के दावों की पोल खोल दी। अन्यथा, 15 किलोग्राम यह जहर पंजाब के न जाने कितने परिवारों के चिराग बुझा देता।
उन्होंने मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले में सीबीआई जांच की मांग की और पंजाब की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में हत्याओं और पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमलों की घटनाएं लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं।
ढिल्लों ने दावा किया कि पंजाब पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है और भ्रष्टाचार के कारण उद्योग राज्य से बाहर जा रहे हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया।