Edited By Vatika,Updated: 16 Oct, 2026 03:38 PM

पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच
पंजाब डेस्क: पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में अमित शाह द्वारा पंजाब सरकार को घेरने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पलटवार किया है।

उन्होंने अमित शाह को नसीहत देते हुए कहा कि उनके बारे में बोलने से पहले उन्हें अपने सलाहकारों से चर्चा कर लेनी चाहिए थी। मान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बीएसएफ के पास 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में अधिकार हैं और गुजरात के कांडला पोर्ट से 3000 किलो चिट्टा पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें दोष देने से पहले अमित शाह को अपनी जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अपने चापलूसों के लिखे हुए ट्वीट को कॉपी-पेस्ट नहीं करना चाहिए।
क्या बोले थे अमित शाह?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए पंजाब में नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि पंजाब में भगवंत मान सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। अमित शाह ने दिड़बा में एक पिता के कथित तौर पर दबाव में जहर खाने और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या का जिक्र करते हुए पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परविंदर के पिता ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और उसके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शाह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब और घोषणाएं नहीं, बल्कि नतीजे चाहिए। साथ ही उन्होंने नशे के नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करने और अपराधियों को मिलने वाले कथित राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच की मांग की।