झोटा हत्याकांड पर भगवंत मान सरकार को घेरा, तरुण चुघ बोले- जनता को जवाब दें CM

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 13 Oct, 2026 06:01 PM

tarun chugh speaks on the jhota murder case

भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह घटना पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे के खिलाफ लड़ने वाले लोगों को सुरक्षा देने...

चंडीगढ़ : भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह घटना पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे के खिलाफ लड़ने वाले लोगों को सुरक्षा देने में भगवंत मान सरकार की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

चुघ ने कहा कि पंजाब में एक बेहद चिंताजनक स्थिति बनती जा रही है, जहां नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को प्रशासन से सुरक्षा मिलने के बजाय कथित तौर पर दबाव, उत्पीड़न और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। सरदार मोहनजीत सिंह और गुलजार सिंह के मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों में भी न्याय और संबंधित व्यक्तियों के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने नशा विरोधी कार्यकर्ताओं और व्हिसलब्लोअर्स की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

चुघ ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी देने वाले नागरिकों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करे, नशा तस्करी में शामिल नेटवर्क को ध्वस्त करे और सूचना देने वालों को सुरक्षा प्रदान करे। लेकिन पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए कि नशे के अवैध कारोबार को उजागर करने वाले लोग अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित क्यों हैं। इस मामले में पारदर्शी जांच, प्रभावी पुलिस कार्रवाई और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

चुघ ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा के पिता द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए उस आरोप की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए, जिसमें उन्होंने अपने बेटे की हत्या के पीछे आम आदमी पार्टी के विधायक सिंगला की कथित भूमिका का आरोप लगाया है। उन्होंने अन्य राजनीतिक पदाधिकारियों से जुड़े आरोपों की भी जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रत्येक आरोप की जांच साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए। हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।

चुघ ने कहा कि भगवंत मान सरकार नशे के खिलाफ अभियान चलाने के दावे करती है, लेकिन नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी देने वाले लोगों की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा माफिया के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो, न कि डर और धमकी के कारण आम नागरिकों की आवाज दब जाए। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के संबंध में दी गई विश्वसनीय सूचनाओं पर समय रहते कार्रवाई होती, तो कई युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने में मदद मिल सकती थी।

चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि पंजाब की जनता को खोखले आश्वासनों के बजाय सुरक्षा, न्याय और स्पष्ट जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पंजाब को ऐसी सरकार की जरूरत है जो नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को अकेला न छोड़े।

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