Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Oct, 2026 07:47 PM

भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। पोस्टिंग, नियुक्तियों, टेंडर और सरकारी फैसलों में कथित तौर पर माफिया का दखल चल रहा है।
CBI जांच से भागो मत, जवाब दो! केजरीवाल-मान को देना होगा पंजाब के एक-एक पैसे का हिसाब
चंडीगढ़ : भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। पोस्टिंग, नियुक्तियों, टेंडर और सरकारी फैसलों में कथित तौर पर माफिया का दखल चल रहा है। तबादलों और पोस्टिंग के बदले पैसे लेने की लगातार शिकायतें आती रहीं, फिर भी भगवंत मान सरकार और पूरा प्रशासन कथित तौर पर माफिया को बचाने में जुटा रहा।
तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने जांच शुरू कर पंजाब में कई स्थानों पर कार्रवाई की है। अब दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश से शुरू हुई जांच को राजनीतिक रंग देने के बजाय भगवंत मान को जांच का सामना करना चाहिए। अब विलाप नहीं, इंसाफ होगा, और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
चुघ ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अन्ना हजारे आंदोलन के दौरान ईमानदार राजनीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के बड़े-बड़े दावे किए थे। आज उसी पार्टी की सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। जो लोग कभी कहते थे कि आरोप लगते ही पद छोड़ देना चाहिए, वही आज जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। यह दोहरा चरित्र पंजाब की जनता देख रही है।
चुघ ने कहा कि IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्रवाई, टेंडर, लाइसेंस, CLU मामलों और अन्य सरकारी कामों में कथित भ्रष्टाचार की तह तक जाना जरूरी है। यदि जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है या कोई अवैध लेन-देन हुआ है, तो पूरी मनी ट्रेल सामने आनी चाहिए और पंजाब की जनता के पैसे की पाई-पाई का हिसाब होना चाहिए।
चुघ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी पंजाब सरकार के कामकाज पर उठ रहे गंभीर सवालों का जवाब देना होगा। पंजाब को राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों का साधन बनाने के बजाय पंजाबियों के हितों और राज्य के खजाने की जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
चुघ ने भगवंत मान से कहा कि राजनीतिक बयानबाजी और जांच को बदनाम करने की कोशिशों से सच्चाई नहीं बदलेगी। यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है, तो दोषियों पर कार्रवाई और जनता के पैसे की वसूली सुनिश्चित होनी चाहिए। जांच आगे बढ़ेगी और सबूतों के आधार पर सच सामने आएगा।