Edited By Urmila,Updated: 28 Oct, 2026 01:36 PM

पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चल रही चर्चा के बीच, धार्मिक स्थलों पर लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हलवारा (लाडी सिद्धू): पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चल रही चर्चा के बीच, धार्मिक स्थलों पर लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जगराओं के गांव गागरा के बाद अब हलवारा इलाके के गांव राजोआना कलां में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में गोलीबारी की घटना सामने आई है। बुधवार सुबह करीब 3 बजे हुई इस घटना से इलाके में डर का माहौल बन गया। मोटरसाइकिल पर आए दो नकाबपोश युवक गुरुद्वारा साहिब में घुसे और मुख्य व्यवस्थापक संत बाबा बलदेव सिंह के कमरे की तरफ कई गोलियां चलाकर भाग गए। घटना के समय बाबा बलदेव सिंह स्नान करने गए हुए थे, जिस कारण वह कमरे में मौजूद नहीं थे।
हमलावर मोटरसाइकिल मोड़ पर छोड़कर अंदर घुसे
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे। उन्होंने मोटरसाइकिल को गुरुद्वारा साहिब के पास एक मोड़ पर छिपा दिया और फिर अंदर घुसकर गोलियां चला दीं। घटना को अंजाम देने के बाद वे मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर लुधियाना रूरल पुलिस के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। SSP डॉ. अंकुर गुप्ता, SP (D) राजन शर्मा और पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की जांच कर रही हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट और साइबर क्राइम टीमों की मदद से घटना से जुड़े सबूत इकट्ठा करने की कोशिश की जा रही है। जांच के दौरान गुरुद्वारा साहिब और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है, साथ ही हमलावरों के आने और भागने के रास्तों की जानकारी भी इकट्ठा की जा रही है। हमलावरों की पहचान करने और फायरिंग के पीछे छिपे मकसद का पता लगाने के लिए पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।
गगड़ा की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में
गौरतलब है कि इससे पहले जगराओं के गगड़ा गांव में गुरुद्वारा श्री गोपालसर साहिब के मेन गेट पर भी फायरिंग हुई थी। जानकारी मिली है कि किसी अनजान हमलावर ने फायरिंग के बाद धमकी भरा लेटर छोड़ा है। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है। दो दिन के अंदर धार्मिक जगहों को निशाना बनाने वाली इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी कॉमन साज़िश या दूसरे कनेक्शन की कोई पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन है और इन्हें अंजाम देने के पीछे असली मकसद क्या था।
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