लुधियाना में सड़क निर्माण में बड़ा घोटाला, पार्षद ने खोली ठेकेदार-अफसरों की पोल

Edited By Kalash,Updated: 14 Jun, 2026 05:27 PM

circular road construction scam ludhiana

जनता की खून-पसीने की कमाई से दिए गए टैक्स के पैसे को किस तरह अफसर और ठेकेदार मिलकर ठिकाने लगाते हैं

लुधियाना (विक्की): जनता की खून-पसीने की कमाई से दिए गए टैक्स के पैसे को किस तरह अफसर और ठेकेदार मिलकर ठिकाने लगाते हैं, इसका एक जीता-जागता उदाहरण वार्ड 83 की सर्कुलर रोड पर देखने को मिला है। यहां बन रही नई सड़क के निर्माण में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बड़े स्तर पर घटिया मटीरियल का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस घोटाले की भनक लगते ही वार्ड के पार्षद दविंदर जग्गी अपनी टीम और स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जब खुद हाथ में इंच-टेप लेकर सड़क की पैमाइश शुरू की। पार्षद ने मौके पर ही अफसरों और ठेकेदार की मिलीभगत से चल रहे इस खेल का पर्दाफाश किया।

सड़क निर्माण का निरीक्षण करते हुए पार्षद दविंदर जग्गी ने खुद जमीन पर बैठकर इंच-टेप से मटीरियल की मोटाई नापी। उन्होंने दिखाया कि सरकारी कागजों और एस्टीमेट के मुताबिक सड़क पर 3 इंच मोटा गटका (पत्थर) बिछाया जाना अनिवार्य था। इसके विपरीत, ठेकेदार ने कई जगहों पर सिर्फ डेढ़ इंच और कुछ हिस्सों में तो केवल आधा इंच गटका ही डाला हुआ था। हैरान करने वाली बात यह रही कि बिना किसी वेट-मिक्स के ही सीधा गटका लाकर सड़क पर फैला दिया गया था। इस पूरे काम के दौरान विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जूनियर इंजीनियर (जेई) मौके पर निगरानी के लिए मौजूद नहीं था।

रोड जाली के निर्माण में नियमों की धज्जियां उड़ीं 

सड़क के किनारे पानी की निकासी के लिए बनाई जा रही रोड जाली के निर्माण में भी भारी धांधली पकड़ी गई है। पार्षद दविंदर जग्गी ने बताया कि रोड गली की डेप्थ (गहराई) नियमों के मुताबिक बहुत कम रखी गई है, जो जांच के दौरान सिर्फ 10 से 13 इंच ही पाई गई। यही नहीं, इनकी दीवारें भी केवल 4 इंच की खड़ी की गई हैं, जो बेहद कमजोर हैं। इसके अलावा, एस्टीमेट में जहां 6 केजी प्रेशर झेलने वाले मजबूत पाइप डालने का प्रावधान था, वहीं ठेकेदार ने पैसे बचाने के चक्कर में सिर्फ 4 केजी प्रेशर वाले हल्के और घटिया पाइप डाल दिए।

कागजों में 38 फुट चौड़ी सड़क, मौके पर रह गई सिर्फ 22 फुट 

घोटाले की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। पार्षद दविंदर जग्गी ने एस्टीमेट के दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि रिकॉर्ड में इस सड़क की चौड़ाई अलग-अलग हिस्सों में 38 फुट और 32 फुट मंजूर की गई है, लेकिन जब मौके पर इसकी वास्तविक चौड़ाई नापी गई तो यह सिर्फ 22 फुट ही बन रही थी। इसी तरह, ठेकेदार को सड़क के सेंटर में 6 इंच की प्लेट के हिसाब से मटीरियल डालने का भुगतान किया जाना तय हुआ था, लेकिन मौके पर मटीरियल की मोटाई सिर्फ साढ़े 3 इंच ही निकली। प्लेट का किनारा भी 1 इंच नंगा छोड़ दिया गया था, जिसका मतलब है कि साइड में भी केवल 5 इंच ही माल डाला गया।

छुट्टियों का फायदा उठाकर 'पाप' को दबाने की थी तैयार 

पार्षद ने सीधे तौर पर अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जानबूझकर सरकारी छुट्टियों के दिनों को चुना गया ताकि बिना किसी रोक-टोक के इस घटिया निर्माण कार्य को पूरा करके इसके ऊपर कोलतार या आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) बिछा दी जाए। ठेकेदार और अफसरों की प्लानिंग इस 'पाप' को हमेशा के लिए नीचे दबाने की थी, लेकिन ऐन वक्त पर भगवान ने खेल पलट दिया। अचानक हुई तेज बारिश के कारण काम रोकना पड़ा, जिससे नीचे बिछाया गया घटिया मटीरियल और ठेकेदार की पूरी पोल जनता के सामने आ गई।

विजिलेंस विभाग से होगी लिखित शिकायत 

पार्षद दविंदर जग्गी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता के टैक्स के पैसे पर इस तरह डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, "चाहे कोई भी अधिकारी हो या ठेकेदार, और उनके कितने भी रसूखदार राजनीतिक संबंध क्यों न हों, उन्हें इस ठगी का पूरा हिसाब-किताब देना ही पड़ेगा।" उन्होंने ऐलान किया कि वह इस पूरे मामले की कंक्रीट रिपोर्ट तैयार करके इसकी लिखित शिकायत विजिलेंस विभाग और सरकार के उच्च अधिकारियों को सौंपने जा रहे हैं ताकि इस पूरे नेक्सस को तोड़ा जा सके।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!