चाइना डोर का और बढ़ा खतरा: अब अमृतसर में 'कोड वर्ड' से बिकने लगा मौ/त का सामान

Edited By Kalash,Updated: 13 Jan, 2026 12:11 PM

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प्रतिबंध के बावजूद लोहड़ी नजदीक आते ही खूनी चाइना डोर धड़ल्ले से बिकने लगी है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।

अमृतसर (दलजीत): प्रतिबंध के बावजूद लोहड़ी नजदीक आते ही खूनी चाइना डोर धड़ल्ले से बिकने लगी है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आटे की बोरी लेनी है, कोर्डवर्ड के माध्यम से 1 हजार रुपए प्रति गट्टू ब्लैक में बिक रहा है। खूनी डोर बेचने वाले असामाजिक तत्व इतने तेज और चालाक हैं कि अगर कोई सीधे चाइना डोर की मांग करता है तो वे उससे बात तक नहीं करते और जब कोई कोर्ड वर्ड में आटे की बोरी मांगता है, तो वे तुरंत उसे गट्टू थमा देते हैं। कुछ लोग शहर के भीतरी इलाकों में धड़ल्ले से यह काम कर रहे है।

जानकारी के अनुसार इस खूनी चाइना डोर की वजह से अब तक कई जानें जा चुकी हैं। इस डोर के कारण हर दिन हादसे हो रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन इस डोर पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने की बात कर रहा है, लेकिन पतंग उड़ाने वाले असामाजिक तत्वों से आसानी से ये खूनी डोर हासिल कर रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ड्रोन के जरिए चाइना डोर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कर रहा है, लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है, जिसके चलते हादसे हर दिन बढ़ते जा रहे हैं।

सूत्रों से पता चला है कि गुट्टू बेचने वाले अब लोगों से सीधे बात नहीं कर रहे हैं, अगर उनसे कोर्ड वर्ड में आटे की बोरा है तो बात की जाए तो वह गट्टू दे रहे हैं। पहले वे आटे की बोरी सुनते थे, लोगों से पर्ची काटने को कहते थे, यानि पैसे मांगते थे। सूत्रों का कहना है कि यह अवैध धंधा शहर के भीतरी इलाकों में कुछ लोग चला रहे हैं। पहले 100 गुट्टुओं की पेटी पहले 200 रुपए के हिसाब से बेचा जा रहा था जबकि अब इसकी कीमत उससे दोगुनी कर दी है।

इनमें से एक व्यापारी ऐसा है कि जिसके दुकान पर कोई माल नहीं होता उसके द्वारा एक ऑटो चालक के जरिए गोदाम से माल मंगवाया जाता है। पुलिस प्रशासन चाहे ड्रोन का इस्तेमाल करे या सख्त कार्रवाई करे, लेकिन यह खूनी डोर का व्यापार बंद नहीं हो रहा। समाज सेवक जय गोपाल लाली और राजिंदर शर्मा राजू ने जानकारी देते हुए बताया कि लोहड़ी का दिन नजदीक आ रहा है और अब लगभग हर घर की छतों पर खूनी डोर उड़ रह रही। न सिर्फ इंसानी जानें जा रही हैं, बल्कि जानवर और पक्षी भी घायल हो रहे हैं।

आखिर किस की शह पर बिक रही खूनी डोर

समाज सेवक जय गोपाल लाली और राजिंदर शर्मा राजू ने कहा कि पुलिस प्रशासन प्रतिदिन सख्ती बरत रहा है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि किस की शह पर ये खूनी डोर बेची जा रही है। पुलिस प्रशासन को न केवल बेची जा रही चाइना डोर खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि इस बात की भी गहन जांच करनी चाहिए कि डोर कहां से लाई जा रही है और कहां से आ रही है और बड़े डीलरों को सलाखों के पीछे डालकर सख्त प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करना चाहिए।

चाइना डोर दोपहिया वाहन चालकों के लिए हो रही जानलेवा साबित

गुरु नानक देव अस्पताल के मैडीकल सुपरिंटैंडैंट डा. कर्मजीत सिंह ने बताया कि चाइना डोर से होने वाली चोटें दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। गुरु नानक देव अस्पताल के एमरजैंसी विभाग में प्रतिदिन चाइना डोर से जुड़े दो से तीन मामले आ रहे हैं। किसी के हाथ, किसी के गले, किसी के कान, मुंह आदि पर डोर के कटने के निशान हैं। ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक घायल हो रहे हैं। यह एक खूनी डोर है, लोगों को इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध के बारे में जागरूक होना चाहिए और अपने बच्चों को भी समझाना चाहिए कि इसका इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए, यह इंसानों और जानवरों दोनों के लिए बेहद घातक है। पुलिस प्रशासन भी सराहनीय कार्य कर रहा है और सरकार भी इसे सख्ती से प्रतिबंधित करने के लिए काम कर रही है।

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