लॉकडाउन से बाहर निकलने के उपाय ढूंढने के लिए बनेगी टास्क फोर्स: कैप्टन

Edited By Mohit,Updated: 08 Apr, 2020 07:01 PM

captain amarinder singh

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा है कि राज्य को लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर...............

चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने कहा है कि राज्य को लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर निकालने के उपाए ढूंढने के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी। कैप्टन ने राज्य के उद्योगपतियों को एक वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि कोरोना संकट में नाजुक मसलों और चुनौतियों को हल करने के लिए उद्योग जगत की पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों को मौजूदा हालात में सरकार के फैसले लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने का भी न्योता दिया। 

इस अवसर पर उद्योगपतियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों में से एक था ट्रैक्टर और सहायक उद्योगों को ज़रूरी राहत देना और गेहूं की कटाई और रबी की फसलों के मंडीकरण के सीजन के दौरान किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए खोलने की इजाजत देना। साइकिलों को भी जरूरी वस्तुओं में शामिल करने के ऐलान की भी मांग उठी। इसके अलावा और सुझाव यह भी आया कि पैकिंग उद्योगों को भी खोलने की आज्ञा दी जाए जिससे जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को यकीनी बनाया जा सके। उद्योगों की तरफ से आए और सुझावों में चंडीगढ़ तक एयर कार्गो सेवाओं को पुन: सुरजित करने के साथ-साथ राज्य में स्वास्थ्य एवं मैडीकल स्टाटर्अप को उत्साहित करना भी शामिल था। पर्यटन उद्योग जो लॉकडाउन के चलते बुरी तरह प्रभावित हुआ है, को भी राहत देने पर सुझाव आए और विचार-चर्चा हुई। 

बैठक में फार्मा कंपनियों को पेश आ रही मुश्किलों पर विचार किया गया जो कोविड-19 संकट से निपटने में अहम योगदान दे रही हैं। इन मुश्किलों में से एक जम्मू-कश्मीर में अंतरराज्यीय यातायात को बंद करना और हरियाणा से माल और मजदूरों को लाने पर लगाई गई कुछ पाबंदियों का है। उद्योगों द्वारा नकद लेन-देन की दिक्कतों को भी उजागर किया गया जो इस संकट के समय के दौरान मजदूरों को की जाने वाली अदायगियों संबंधी स्पष्टता चाहते थे। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को कहा कि उठाए गए मामलों को गंभीरता से विचारते हुए इनको जल्द से जल्द हल किया जाए। इसके अलावा राष्ट्रीय लॉकडाउन के चलते कुछ उद्योगों को चलाने के लिए दिशा निर्देश दिए जाए। यदि कोई उद्योग चलाना चाहता है तो वह राज्य सरकार के पास पहुँच कर सकता है और उनके अनुरोधों को दिशा-निर्देशों के दायरे के अंदर हल करने के लिए सभी यत्न किए जाएंगे। 


 

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