Bathinda: अंतिम चरण में गेहूं की खरीद, किसानों को 2219 करोड़ रुपये जारी

Edited By Kamini,Updated: 06 May, 2026 05:38 PM

bathinda wheat procurement in final phase

जिले में रबी सीजन 2026-27 के तहत गेहूं खरीद अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

बठिंडा (विजय वर्मा): जिले में रबी सीजन 2026-27 के तहत गेहूं खरीद अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में 9,21,888 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हो चुकी है, जो अनुमानित कुल आमद 9,32,520 मीट्रिक टन का करीब 98.86 प्रतिशत है। सरकारी एजेंसियों द्वारा अब तक 9,04,172 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जो कुल खरीद लक्ष्य का लगभग 96.96 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 8,65,872 मीट्रिक टन गेहूं की आमद और 8,54,683 मीट्रिक टन खरीद दर्ज की गई थी। इस बार आमद और खरीद दोनों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जिले की 66 मंडियों में मंगलवार को 5,620 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई, जबकि विभिन्न एजेंसियों ने 8,642 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। खरीद कार्य 90 मंडियों में जारी रहा।

पनसप, पनग्रेन और मार्कफेड सबसे आगे: 

  • एजेंसी वार खरीद में पनसप, पनग्रेन और मार्कफेड सबसे आगे रहे।
  • पनसप ने 2,55,243 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा।
  • पनग्रेन ने 2,30,473 मीट्रिक टन खरीद की।
  • मार्कफेड ने 2,27,973 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा।
  • पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (पीएसडब्ल्यूसी) ने 43,356 मीट्रिक टन खरीद दर्ज की।
  • निजी व्यापारियों द्वारा 2,13,180 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।

रिपोर्ट के अनुसार कई एजेंसियां अपने निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंच चुकी हैं, जबकि कुछ एजेंसियों ने 100 प्रतिशत से अधिक खरीद भी दर्ज की है।

किसानों को 2219 करोड़ रुपये का भुगतान: 

खरीद के साथ-साथ भुगतान प्रक्रिया भी तेज गति से जारी है। अब तक किसानों को 2,219.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल देय राशि का करीब 97 प्रतिशत है। पनसप ने 545.22 करोड़ रुपये में से 531.18 करोड़ रुपये जारी किए, जबकि पीएसडब्ल्यूसी ने 395.89 करोड़ रुपये में से 383.86 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेज दिए हैं। मंगलवार को अकेले 32.23 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया गया।

उठान में भी तेजी

मंडियों से गेहूं उठान का काम भी तेजी से चल रहा है। अब तक 6,23,407 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है, जो कुल खरीद का लगभग 71 प्रतिशत है। मंगलवार को एक दिन में 36,644 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया गया। एजेंसीवार आंकड़ों के अनुसार पनग्रेन ने 2,89,108 मीट्रिक टन और मार्कफेड ने 2,22,696 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया है। हालांकि अभी भी हजारों मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पड़ा हुआ है, जिसे अगले कुछ दिनों में उठाने की योजना है।

प्रशासन का दावा- किसानों को नहीं आने दी कोई परेशानी

डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने कहा कि जिले में गेहूं खरीद का काम सुचारु रूप से चल रहा है और मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि भुगतान, उठान और ट्रांसपोर्ट के लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि मंडियों में गेहूं न रुके।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पैदावार में 7 फीसदी कमी

जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरप्रीत पाल कौर ने बताया कि जिले में इस बार 2,54,500 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई थी और फसल की कटाई 100 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मार्च और अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण इस बार उत्पादन में करीब 7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पिछले साल जहां औसत पैदावार 56 मन प्रति एकड़ थी, वह इस बार घटकर करीब 52 मन प्रति एकड़ रह गई।

किसान अब वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़े

डॉ. हरप्रीत पाल कौर ने बताया कि किसान अब पानी बचाने के लिए नरमा, कपास और मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि धान की फसल में अधिक पानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक बड़े स्तर पर नरमा की बुवाई हो चुकी है और आने वाले दिनों में इसका रकबा और बढ़ेगा। हालांकि मई माह में आई तेज आंधी और बारिश के कारण संगत कला क्षेत्र में करीब 60 एकड़ नरमा फसल प्रभावित हुई है, लेकिन बाकी फसल की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

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