Edited By Kamini,Updated: 29 Apr, 2026 05:47 PM

डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने जिले के किसानों से अपील की कि गेहूं की कटाई के बाद अगली फसल के लिए खेत तैयार करने के लिए बचे हुए अवशेष को आग न लगाएं, बल्कि उसे खेत में ही मिला दें। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अवशेष को खेत में मिलाने से मिट्टी की उपजाऊ...
बठिंडा (सुखविंदर): डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने जिले के किसानों से अपील की कि गेहूं की कटाई के बाद अगली फसल के लिए खेत तैयार करने के लिए बचे हुए अवशेष को आग न लगाएं, बल्कि उसे खेत में ही मिला दें। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अवशेष को खेत में मिलाने से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और मिट्टी की सेहत बेहतर रहती है। इसके अलावा आग न लगाने से जहां पर्यावरण प्रदूषण भी रुकता है, वहीं लोगों को साफ हवा भी मिलती है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल जिले में पराली में आग लगाने की घटनाओं में काफी कमी आई थी, जिससे पर्यावरण सुरक्षा और हवा की क्वालिटी में सुधार हुआ था। इस बार भी उम्मीद है कि किसान खेतों में पराली में आग लगाने से बचेंगे। राजेश धीमान ने कहा कि अवशेष न जलाना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन भी है। उन्होंने सभी किसानों से पर्यावरण की सुरक्षा और मिट्टी के संरक्षण में योगदान देने की अपील की। आने वाले समय में भी किसानों को पराली जलाने के बजाय उसे ज़मीन में दबाना चाहिए। इससे न सिर्फ़ जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी बल्कि फसल की पैदावार भी बढ़ेगी।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here