...वोट किसी की, डाल गया कोई और

Edited By Vatika,Updated: 20 May, 2019 09:44 AM

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बेशक जिला प्रशासन ने चुनावों में पूरी पारदर्शिता से वोटिंग करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे लेकिन इन प्रबंधों की हवा उस समय निकल गई जब एक मतदान केंद्र पर किसी मतदाता की वोट पहले ही कोई अन्य व्यक्ति डालकर चला गया।

लुधियाना(विक्की): बेशक जिला प्रशासन ने चुनावों में पूरी पारदर्शिता से वोटिंग करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे लेकिन इन प्रबंधों की हवा उस समय निकल गई जब एक मतदान केंद्र पर किसी मतदाता की वोट पहले ही कोई अन्य व्यक्ति डालकर चला गया।

मामला शिमलापुरी क्षेत्र के सरकारी स्कूल लोहारा में बनाए गए 93 नंबर बूथ का है। शिमलापुरी क्षेत्र के रहने वाले राजेश कुमार ने वोटिंग स्लिप दिखाते हुए उक्त आरोप लगाया कि जब आज सुबह 11 बजे वह 93 नंबर बूथ पर वोट डालने पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें मताधिकार का प्रयोग नहीं करने दिया। पूछने पर उसे बताया गया कि उनकी वोट पहले ही पोल हो चुकी है। राजेश ने प्रशासन के प्रबंधों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वह इस बात से हैरान है कि बिना उनके पहचान पत्र के कौन वोट डालकर चला गया। स्टाफ ने भी किसी अन्य व्यक्ति को कैसे उनके स्थान पर वोट डालने की अनुमति दे दी। 45 वर्षीय राजेश के मुताबिक वह पिछले कई वर्षों से अपना वोट स्वयं डालकर जा रहा है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि वह अपना वोट नहीं डाल पाया।  


धूप में खड़े होकर करना पड़ा बारी का इंतजार
चुनाव आयोग ने बेशक कई मतदान केंद्रों को बेहद शानदार ढंग से सजवाकर मतदान करने आने वाले लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाईं लेकिन कई मतदान केंद्रों पर लोगों को ऐसी सुविधाएं नहीं मिली। यही नहीं कई स्थानों पर तो मतदान करने आने वाले मतदाताओं को धूप में खड़े रहकर ही अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। हलका सैंट्रल के माधोपुरी सरकारी हाई स्कूल में बनाए गए बूथ नंबर 7 में लोगों को बरामदे में धूप में ही खड़े रहकर बारी का इंतजार करना पड़ा। चुनावी स्टाफ की ओर से न तो धूप से बचाने के लिए शामियाने लगवाए गए और ना ही पंखों का पबंध किया गया। दिन शुरू होते ही मतदान करने पहुंचे लोग हाथों में पकड़े रूमाल को हिलाकर ही हवा लेते रहे लेकिन किसी ने उनकी ओर ध्यान नहीं दिया।  

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