आतंकवाद का खतरा टला नहीं, चौकन्ने रहने की जरूरत : राणा के.पी.

Edited By Sunita sarangal,Updated: 28 Nov, 2020 11:42 AM

terrorism threat not averted need to be vigilant rana k p

शहीद परिवार फंड का 117वां (7वां भाग) समारोह आयोजित

जालंधर(सुनील धवन/अश्विनी खुराना): पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष राणा के.पी. सिंह ने देश के लोगों को चेताते हुए कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है क्योंकि देश विरोधी ताकतें पूरे जोर-शोर से सक्रिय हैं जिसे देखते हुए लोगों को हमेशा चौकन्ने व जागते रहने की जरूरत है। वह आज पंजाब केसरी समूह द्वारा आयोजित 117वें (7वां भाग) शहीद परिवार फंड समारोह को मुख्यातिथि पद से संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में शहीद परिवारों से संबंध रखते 10 लोगों व उनके आश्रितों में कुल 6.46 लाख रुपए की आर्थिक सहायता वितरित की गई। 

प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50-50 हजार रुपए की एफ.डी.आर., 14,649 रुपए के ब्याज सहित कुल राशि 64,649 रुपए के अलावा घरेलू उपयोग की वस्तुएं जैसे 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, एक पंखा, घरेलू बर्तन, कम्बल व वस्त्र दिए गए। प्रत्येक पीड़ित परिवार को लाला जगत नारायण शांति देवी चैरीटेबल ट्रस्ट जालंधर की तरफ से आने-जाने के लिए एक-एक हजार रुपए की राशि अलग से दी गई। ये पीड़ित परिवार तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर व पंजाब से संबंध रखते थे। 

राणा के.पी. ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद का बुरा दौर लोगों ने देखा है जिसमें एक समय ऐसा आया था जब शाम 4 बजे के बाद कोई भी व्यक्ति बाहर दिखाई नहीं देता था तथा लोगों को सुबह घर से निकलते समय यह पता नहीं होता था कि वे शाम को सही-सलामत घर लौट कर आएंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि बुरे दौर में जहां कुछ लोग पंजाब व देश को तोड़ने तथा बांटने की बातें कर रहे थे तो दूसरी ओर वतनप्रस्त ताकतें भी लगातार सक्रिय रहीं जिन्होंने देशद्रोही ताकतों के मंसूबों को विफल बनाया। 

उन्होंने वाल्मीकि रामायण के कुछ अंशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें लिखा है कि जब भगवान राम ने लंका फतेह कर ली व रावण का वध कर दिया तो लक्ष्मण जी ने उनसे कहा कि अब हमें वापस अयोध्या जाने की क्या जरूरत है। रावण की सोने की लंका में ही हम रह जाते हैं। इस पर श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा कि तुम सोने की लंका, अपार धन-दौलत, राज करने की बातें कर रहे हो परन्तु अगर मुझे स्वर्ग का राज भी मिल जाए तो भी मैं अपनी मातृभूमि अयोध्या को नहीं छोड़ूंगा। 

राणा के.पी. ने कहा कि भारत की महान संस्कृति व सभ्यता है जिसमें वतनप्रस्त लोगों की कमी नहीं है जो देश पर कोई भी संकट आने के समय हमेशा आगे आकर संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि अलगाववादी ताकतों व देश को बांटने वाली शक्तियों के मंसूबों को विफल बनाने के लिए लगातार देशवासियों को काम करने की जरूरत है।

पंजाब में आतंकवाद की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों की कुर्बानियों व शहादतों की बदौलत ही आज राज्य उन्नति की ओर बढ़ रहा है तथा अमन-शांति कायम है। उन्होंने पंजाब केसरी परिवार द्वारा दी गई शहादतों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद परिवार के सदस्यों तथा श्री विजय चोपड़ा का मनोबल कम नहीं हुआ जिन्होंने शहादत देने वाले अन्य परिवारों के सदस्यों को लगातार सहायता देने के मिशन को जारी रखा।

उन्होंने कहा कि इस मिशन के द्वारा चोपड़ा परिवार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पीड़ित परिवारों के दर्द में वे शामिल हैं क्योंकि दर्द बांटने से दर्द कम होता है। उन्होंने शहीद परिवार फंड को राष्ट्रवादी लोगों का मंच करार देते हुए कहा कि विभिन्न पार्टियों व विभिन्न धर्मों के लोग यहां पर एकत्रित होते हैं जो राष्ट्रवाद की बातें करते हैं। देश में ऐसा कोई भी अन्य मंच नहीं है इसलिए उन्हें पूरी उम्मीद है कि राष्ट्रविरोधी ताकतों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। 

राणा के.पी. ने कहा कि मुसीबतें तो आती-जाती हैं परन्तु मुसीबतों के समय देश व राज्य के साथ डट कर कंधे से कंधा मिलाकर चलने की जरूरत है। उन्होंने दूर-दराज के क्षेत्रों से आर्थिक सहायता लेने आए लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि इन परिवारों पर भविष्य में कभी भी कोई मुसीबत न आए। 

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