पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनावों को लेकर अहम खबर, मैनेजमेंट की तरफ से दी गई जानकारी

Edited By Vatika,Updated: 10 Dec, 2025 11:05 AM

important news regarding the senate elections of panjab university

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में होने वाले सीनेट चुनाव 2026–2030 सत्र के लिए कराए जाएंगे।

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में होने वाले सीनेट चुनाव 2026–2030 सत्र के लिए कराए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि नई बनी सीनेट का कार्यकाल चार वर्ष का होगा और इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। यह जानकारी पीयू प्रबंधन द्वारा दी गई है। सीनेट चुनावों का शेड्यूल घोषित कर दिया गया है। इससे पहले कुछ पूर्व सीनेटरों के बीच यह अफवाह थी कि चुनाव 2024 में कराए जा सकते हैं, हालांकि यदि ऐसा होता तो इसका विरोध किया जाता। अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि 2026 के सीनेट चुनावों के बाद सीनेट का कार्यकाल 2027 से शुरू होकर 2030 तक रहेगा। इस निर्णय से सीनेटरों में खुशी की लहर है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में सीनेट चुनावों में देरी होने के कारण उस समय सीनेट का कार्यकाल केवल तीन वर्ष का रह गया था, जिसकी वजह से इस बार भ्रम की स्थिति बनी थी।

जनवरी 2026 में जारी होंगे वोटर रजिस्ट्रेशन फार्म
सीनेट चुनावों के बाद दिसंबर 2026 में सिंडिकेट चुनाव कराए जाएंगे। सिंडिकेट का गठन सीनेट सदस्यों में से किया जाता है। जहां सीनेट में 91 सदस्य होते हैं, वहीं सिंडिकेट में 15 सदस्य होते हैं। सिंडिकेट चुनावों के साथ-साथ डीन का भी चुनाव किया जाएगा। पीयू सीनेट का कार्यकाल दो साल पहले ही समाप्त हो चुका है और सिंडिकेट चुनावों को भी करीब तीन वर्ष हो चुके हैं। चूंकि अब यह साफ हो गया है कि सीनेट का गठन 2026 में किया जाएगा, इसलिए उसी के अनुसार नई वोटर सूची तैयार की जाएगी और वोटर रजिस्ट्रेशन फार्म जनवरी 2026 में जारी किए जाएंगे।

चुनावी तैयारियां शुरू
सीनेट चुनाव लड़ने में रुचि रखने वाले सदस्यों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दो वर्षों की देरी के कारण पूर्व और नए, दोनों तरह के सीनेटरों को मतदाताओं तक पहुंचने के लिए प्रचार करना होगा। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी में 2026 सीनेट चुनावों के शेड्यूल को भारत के उपराष्ट्रपति एवं पीयू के चांसलर की मंजूरी मिल चुकी है। यह मंजूरी उन विरोध प्रदर्शनों के बाद दी गई, जो छात्रों द्वारा सीनेट की सदस्य संख्या 91 से घटाकर 31 करने के नोटिफिकेशन के खिलाफ किए गए थे।

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