केंद्रीय जेल से चौंकाने वाला खुलासा, वार्डन ही पहुंचा रहा था कैदियों तक नशा, Suspend

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 28 Dec, 2025 08:51 PM

warden was supplying drugs to prisoners suspended

बठिंडा केंद्रीय जेल की सुरक्षा और सुधार व्यवस्था पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब जेल के अंदर नशे की सप्लाई करने वाले वार्डन को ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में आरोपित वार्डन सिपाही से 27 ग्राम हेरोइन, 21...

बठिंडा (विजय वर्मा) :  बठिंडा केंद्रीय जेल की सुरक्षा और सुधार व्यवस्था पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब जेल के अंदर नशे की सप्लाई करने वाले वार्डन को ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में आरोपित वार्डन सिपाही से 27 ग्राम हेरोइन, 21 ग्राम अफीम और 60 प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए गए हैं। मामले के खुलासे के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार आरोपित की पहचान वार्डन सिपाही वरिंदर कुमार, निवासी गांव खोरपुर, जिला फाजिल्का के रूप में हुई है। उसे महिला जेल परिसर में बने सरकारी क्वार्टर से गिरफ्तार किया गया। बरामदगी के बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि बठिंडा केंद्रीय जेल में लंबे समय से नशे की तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। कुछ कैदियों के संदिग्ध व्यवहार और जेल परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी के बाद प्रशासन सतर्क हुआ। इसके चलते जेल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर गुप्त जांच शुरू की। जांच के दौरान संदेह की सुई जेल के ही एक वार्डन पर आकर टिक गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित वार्डन अपनी ड्यूटी का दुरुपयोग करते हुए बाहरी तस्करों के संपर्क में था और मोटी रकम लेकर कैदियों तक नशीले पदार्थ पहुंचाता था। वह लंबे समय से जेल की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों का फायदा उठाकर इस अवैध धंधे में शामिल था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके।
इस मामले के सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तस्करी में जेल का कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल तो नहीं है। प्रशासन ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
 
फिलहाल पुलिस आरोपी के कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से जेल के भीतर सक्रिय नशे के नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त अंकुश लगाया जा सकेगा।

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