कुदरत का करिश्मा: पैर फिसलने से ट्रेन के नीचे आया बुजुर्ग , 7 कोच गुजरे, बाल-बाल बचा

Edited By Vatika,Updated: 22 Jun, 2022 04:32 PM

train accident

जाको राखे साइयां मार सके न कोई , बुधवार को यह कहावत उस समय एक बुर्जुग पर चरितार्थ

लुधियाना( गौतम) : जाको राखे साइयां मार सके न कोई , बुधवार को यह कहावत उस समय एक बुर्जुग पर चरितार्थ  हुई, जब चलती  ट्रेन में सवार हो रहे  बुर्जुग का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गया और ट्रेन के 7 कोच वहां से  गुजर गए। लेकिन बाल-बाल बच गया।

 बुर्जुग पतला होने के कारण ट्रैक की दीवार के साथ चिपक कर बैठा रहा । मौके पर टीम के साथ चैकिंग कर रहे आरपीएफ के इंस्पेक्टर शलैश कुमार व जीआरपी के इंस्पेक्टर जसकरण सिंह ने ट्रेन रूकवाई और बुर्जुग को बाहर निकाला । हादसे के कारण वह बुरी तरह से घबरा गया । लेकिन बुर्जुग को केवल मामूली चोटें आई और उसकी जान बच गई। रेलवे के डाक्टरों ने उसे फर्स्ट ऐड देने के बाद सिविल अस्पताल इलाज के लिए भेज दिया । 

उक्त हादसा पठानकोट से दिल्ली की तरफ जा रही पठानकोट एक्सप्रैस में हुआ । यात्री की पहचान होशियारपुर के रहने वाले गुरजीत सिंह 85 साल के रूप में की गई है । होश में आने के बाद बुर्जुग ने बताया कि वह फौज से रिटायर्ड है और होशियार से दिल्ली जा रहे थे । लुधियाना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रूकने पर वह पानी की बोतल लेने के लिए नीचे उतरे, लेकिन इतने में ही ट्रेन चल दी । जब वह भाग कर चलती ट्रेन में सवार हो रहे थे तो रश के कारण उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गया । ट्रेन की स्पीड होने के कारण वह ट्रैक की दीवार के साथ चिपका रहा । सुरक्षा कर्मियों ने उसे बाहर निकला । भगवान का शुक्र है कि उसकी जान बच गई, लेकिन  हादसे के बाद उसे खुद भी विश्वास नहीं हो रहा था कि वह बच गया । अधिकारियों ने बताया कि बुर्जुग का सामान जिस कोच में था, उस संबंध में ट्रेन के साथ चल रही पुलिस को दी गई और उन्होंने उसका सामान अपने कब्जे में लिया । 

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