पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी पर हाईकमान की नजर, बूथ मजबूत करने पर फोकस; दावा-AAP में 40-45 विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी!

Edited By Urmila,Updated: 01 Aug, 2026 12:45 PM

the high command is keeping an eye on factionalism in the punjab congress

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी हाईकमान अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी को खत्म करने की कोशिश में जुट गई है।

पंजाब डेस्क : पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी हाईकमान अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी को खत्म करने की कोशिश में जुट गई है। इसी कड़ी में पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल शनिवार को पटियाला और सुनाम में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठकें करेंगे। पटियाला में सुबह 10 बजे और सुनाम में दोपहर 3 बजे बैठक रखी गई है। इन बैठकों का मुख्य फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना बताया जा रहा है।

वड़िंग का AAP को लेकर बड़ा दावा

इसी बीच पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि AAP के 40 से 45 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। वड़िंग के मुताबिक, इन विधायकों को आशंका है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनका टिकट कट सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे को लेकर अंदरखाने बैठकें हो चुकी हैं।

चन्नी-वड़िंग की खींचतान बनी चुनौती

पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग के बीच नेतृत्व और वर्चस्व को लेकर मतभेद लगातार चर्चा में रहे हैं। चन्नी खेमे की ओर से पंजाब में दलित आबादी को देखते हुए पार्टी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठती रही है। वहीं, राजा वड़िंग का कहना है कि पार्टी में अंतिम फैसला हाईकमान का होगा और संगठन का निर्णय सभी के लिए सर्वोपरि है।

बघेल के सामने गुटबाजी खत्म करने की चुनौती

पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल अपने पंजाब दौरे के दौरान कई वरिष्ठ नेताओं के साथ वन-टू-वन बैठकें कर चुके हैं। उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा समेत कई नेताओं से मुलाकात की है। हालांकि बघेल इसे किसी ‘मिशन पैचअप’ के तौर पर नहीं बताते, लेकिन लगातार हो रही बैठकों से साफ है कि पार्टी हाईकमान पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को कम करने और संगठन को एकजुट करने पर जोर दे रही है।

‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ पर फोकस

कांग्रेस अब बड़े नेताओं की बयानबाजी से ज्यादा बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि अगर कार्यकर्ता बूथ पर मजबूत होगा तो चुनावी मुकाबले में संगठन को सीधा फायदा मिलेगा। इसके तहत ब्लॉक और बूथ स्तर के पदाधिकारियों से सीधा संवाद बढ़ाया जा रहा है। पार्टी सोशल मीडिया और जमीनी संगठन के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की तैयारी में है।

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