Punjab में बनेगा देश का पहला AI टावर, कई गांवों की जमीने होंगी एक्वायर... होगा खूब फायदा

Edited By Kamini,Updated: 05 Mar, 2026 10:56 AM

the country first ai tower will be built in punjab

एक बड़ी एक्सपो सिटी विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत देश का पहला समर्पित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टावर बनाया जाएगा, जहां लगभग 300 AI और टेक्नोलॉजी कंपनियां काम करेंगी।

पंजाब डेस्क: पंजाब के मोहाली में एयरपोर्ट के पास एक बड़ी एक्सपो सिटी विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत देश का पहला समर्पित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टावर बनाया जाएगा, जहां लगभग 300 AI और टेक्नोलॉजी कंपनियां काम करेंगी। इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग ने करीब 182.88 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जमीन लेने से पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) किया जाएगा, ताकि यह समझा जा सके कि इस परियोजना का स्थानीय लोगों और आसपास के इलाकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

जमीन का अधिग्रहण राइट टू फेयर कंपेंसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट, 2013 के तहत किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट में सफीपुर, लंडियाली, धरमगढ़ और रुड़का गांवों की जमीन शामिल की गई है। मास्टर प्लान के अनुसार इस परियोजना को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और इसे कानून के तहत पब्लिक पर्पस की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए ग्राम सभा की अनुमति जरूरी नहीं होगी, हालांकि प्रभावित पंचायतों और जमीन मालिकों से बातचीत करना अनिवार्य रहेगा। बताया जा रहा है कि सर्वे की प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 6 महीने लग सकते हैं।

एक्सपो सिटी में बनने वाला AI टावर पंजाब में टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और इनोवेशन को नई दिशा देगा। इसके साथ ही इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 10 एकड़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एग्जिबिशन ग्राउंड भी विकसित किया जाएगा। यहां बड़े पैमाने पर ग्लोबल एक्सपो, कन्वेंशन, ट्रेड शो और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा, ताकि देश-विदेश की कंपनियां अपने उत्पाद और तकनीक का प्रदर्शन कर सकें। इस एग्जिबिशन ग्राउंड को दिल्ली के प्रगति मैदान के मॉडल पर विकसित करने की योजना है, जिससे यह व्यापार और उद्योग से जुड़े बड़े आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन सके। इसके अलावा एक्सपो सिटी में लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में बड़ा शॉपिंग मॉल और रिटेल कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा। यहां हाई एफएसआई वाले क्षेत्रों में ऑफिस स्पेस, होटल, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

किया जाएगा सर्वे

एक्सपो सिटी प्रोजेक्ट के लिए किए जाने वाले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) के दौरान कई अहम पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि इस परियोजना से कितने परिवार प्रभावित होंगे और क्या किसी को अपना घर या जमीन छोड़नी पड़ेगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि निजी और सरकारी जमीन, मकान, बस्तियों या अन्य संपत्तियों पर इस प्रोजेक्ट का कितना असर पड़ेगा। अध्ययन में यह भी जांच होगी कि परियोजना के लिए वास्तव में कितनी जमीन जरूरी है। अगर किसी अन्य स्थान पर इस प्रोजेक्ट को विकसित करने की संभावना होगी, तो उस विकल्प का भी आकलन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि परियोजना के खर्च के मुकाबले समाज और अर्थव्यवस्था को कितना फायदा होगा।

जमीन मालिकों को मिलेगा फायदा

एक्सपो सिटी प्रोजेक्ट को लेकर गमाडा (GMADA) ने जमीन मालिकों के लिए खास लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू की है। इसके तहत जिन किसानों की जमीन इस परियोजना के लिए ली जाएगी, उन्हें इसके बदले लाभ दिया जाएगा। नीति के अनुसार हर एक एकड़ जमीन के बदले किसानों को 800 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट दिया जाएगा। यानी जमीन मालिकों को एक्सपो सिटी के भीतर ही एससीओ (शॉप-कम-ऑफिस) साइट मिलेगी। इस व्यवस्था का मकसद यह है कि जमीन देने वाले किसानों को सिर्फ मुआवजा ही न मिले, बल्कि विकसित हो रहे कमर्शियल क्षेत्र में उनका सीधा हिस्सा भी हो। इससे भविष्य में उन्हें अच्छी आर्थिक आय और व्यापारिक अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

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