भाजपा के साथ फिक्स्ड मैच खेल रहे हैं कैप्टन, CM चाहते तो न होते कृषि बिल पारित : सुखबीर बादल

Edited By vasudha,Updated: 12 Apr, 2021 10:16 AM

sukhbir badal says captain playing fixed match with bjp

पंजाब के पूर्व डिप्टी सी.एम. तथा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह तथा भाजपा के बीच फिक्स्ड मैच खेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन पूरी तरह से भाजपा के दबाव में हैं। पंजाब केसरी के...

चंडीगढ़, 11 अप्रैल (रमनदीप सोढी): पंजाब के पूर्व डिप्टी सी.एम. तथा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह तथा भाजपा के बीच फिक्स्ड मैच खेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन पूरी तरह से भाजपा के दबाव में हैं। पंजाब केसरी के साथ विशेष बातचीत में बादल ने कहा कि कैप्टन ने पंजाब के लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है। बादल ने कहा कि पंजाब में कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने किसानों के मसले को लेकर यहां के लोगों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन को पता था कि कृषि बिल पारित होने जा रहे हैं लेकिन उन्होंने खामोशी के साथ सब कुछ होने दिया। अगर कैप्टन पंजाब को लेकर वफादार होते तो किसान अंदोलन होना ही नहीं था। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल की सोच साफ है कि वह हर उसका विरोध करेगा जो पंजाब के लोगों के साथ धोखा करेंगे। बादल ने कहा कि शुरू से ही कैप्टन का भाजपा के साथ सॉफ्ट कॉर्नर रहा है और अब भी चल रहा है।

 

पंजाब में केंद्रीय जांच एजैंसियों की मौजूदगी व युवाओं की धरपकड़ पर बादल बोले कि किसी सरकार की हिम्मत कैसे हो जाए कि वह आपके राज्य में आकर इस तरह के काम करे? इसका सीधा-सा कारण है कि कैप्टन केंद्र की भाजपा सरकार के दबाव में हैं। कानून भी कोई चीज है। किसी राज्य की पुलिस पंजाब में आ जाए और किसी को भी उठा कर ले जाए और उस पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया जाए। बादल ने कहा कि कैप्टन को तो दिल्ली पुलिस पर मामला दर्ज करना चाहिए कि वह बिना राज्य की सहमति के कैसे युवाओं को उठा कर ले गई। उन्होंने कहा कि बात उसूल की है, गलती हुई है तो ठीक है लेकिन युवाओं के साथ मारपीट तो सरासर गलत है।

 

कौन होगा शिरोमणि अकाली दल का सी.एम. चेहरा
पंजाब में चुनाव से पहले अक्सर पार्टी बदलने का क्रेज रहता है। वह इस बार भी होगा। इस मसले पर बादल ने कहा कि कांग्रेस से लोग दुखी हैं तथा वह शिरोमणि अकाली दल में आना चाहते हैं। बादल ने कहा कि लोगों ने मन बना लिया है कि कांग्रेस को हराना ही है। इसीलिए लोग अकाली दल में भी आ रहे हैं। हंसराज जोसन भी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। सी.एम. के चहरे पर बादल बोले कि पार्टी फैसला लेगी कि प्रकाश सिंह बादल होंगे या कौन होगा। प्रकाश सिंह बादल की राजनीति से दूरी पर सुखबीर ने कहा कि उनकी उम्र भी काफी हो गई है।


सीधी अदायगी
किसानों को फसल की सीधी अदायगी (डी.बी.टी.) को लेकर केंद्र और किसानों के बीच टसल पर बादल बोले कि यह मसला प्रकाश सिंह बादल के सी.एम. होते भी उठा था। बादल ने कहा कि सीधी-सी बात है कि किसान जो एग्रीमैंट में कहे उसके अनुसार उसे भुगतान कर दिया जाए। बादल ने कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि जमीन की फर्द के अनुसार पेमैंट की जाएगी लेकिन सवाल है कि जो किसान ठेके पर जमीन ले कर किसानी कर रहे हैं उनके पास पैसा कैसे पहुंचेगा। ऐसे में तो लड़ाई बढ़ेगी।

 

करतारपुर कॉरिडोर
सुखीबर बादल ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर बड़े इंतजार के बाद खुला है। उसे बंद कर दिया गया। हाल ही में वीडियो कांफ्रैंसिंग के साथ उन्होंने पी.एम. मोदी से इस मसले पर बात की तथा कहा कि कोरोना के नाम पर इस कॉरिडोर को बंद किया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि पूरा भारत चल रहा है। करीब एक हजार लोग वहां जाते थे एक बार में लेकिन उनके लिए बंद कर दिया गया।  बादल ने कहा कि बैठक में इस मसले पर पी.एम. मोदी ने कोई जवाब नहीं दिया तथा खामोश रहे।

 

कृषि बिल पर कैप्टन ने किया धोखा
कृषि बिल पर बादल बोले कि उन लोगों को भाजपा ने विश्वास में लिया ही नहीं तथा न ही भनक लगने दी। सुखबीर बादल ने कहा कि उन्हें पता तब लगा जब कैबिनेट में बिल लाया गया। भाजपा का फर्ज बनता था कि शिरोमणि अकाली दल उनका सहयोगी था तथा पार्टी को विश्वास में लिया जाता। केंद्र ने इस मसले पर 7 मुख्यमंत्रियों की एक कमेटी बना दी जिसमें 5 भाजपा के और 2 कांग्रेस के सी.एम. थे। यह नहीं सोचा गया कि सी.एम. इस मसले पर फैसला लेने वाले नहीं हैं। बादल ने कहा कि कैप्टन पहले इस कमेटी का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने लड़ाई कर खुद को कमेटी में शामिल करवाया। कैप्टन कमेटी में आने के बाद भी खामोश रहे तथा इस बिल के बारे में किसी से कोई बात नहीं कि जिसके कारण बिल पारित हो गया। बिल की वापसी पर बादल बोले कि पी.एम. नरेंद्र मोदी ने जिद पकड़ी है तथा लगता नहीं कि वह कानून वापस लेंगे लेकिन पंजाब के लोगों को इस मसले पर एकजुट होना होगा और प्लान बनाना होगा कि कैसे लड़ाई जीतनी है।


सी.एम. कैप्टन अमरेंद्र सिंह को सुझाव
पूर्व डिप्टी सी.एम. सुखबीर सिंह बादल ने राज्य के सी.एम. कैप्टन अमरेंद्र सिंह को सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि सी.एम. को चाहिए कि वह घर से बाहर निकलें। दिल्ली में डेरा लगाएं तथा केंद्र से अपने राज्य के लिए हक मांगें। सुखबीर ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल भी हक के लिए दिल्ली जाते थे। हर मंत्री से मिलते थे। सी.एम. के दिल्ली जाने और किसी राज्य के मंत्री के दिल्ली जाकर हक मांगने में फर्क होता है। क्यों कैप्टन नहीं जा रहे केंद्र के पास? यह एक बड़ा सवाल है। कैप्टन का सपना था सी.एम. बनना लेकिन वह गंभीर नहीं हैं। दिल्ली न जाने के पीछे भी कैप्टन का डर है। केंद्र के पास कैप्टन के कई केस हैं जिसके डर से वह दिल्ली जाकर बात रखने की हिम्मत नहीं कर पा रहे।


भाजपा के साथ पैचअप
भाजपा के साथ दोबारा गठजोड़ के मसले पर जवाब देते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि ऐसी संभावना अब नहीं है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल जो भी फैसला लेता है वह फायदा-नुक्सान देख कर नहीं लेता। अकाली दल व भाजपा का रिश्ता पंजाब के लिए अच्छा था। अकाली दल का भाजपा के साथ गठबंधन तोडऩा कोई मजबूरी नहीं थी। बादल ने कहा कि भाजपा की जो सोच पहले थी, वह अब नहीं रही। पार्टी बदल गई है। अब भाजपा एंटी पंजाब की सोच के साथ काम कर रही है। पंजाब बार्डर राज्य है। इस राज्य के लोगों की भावना न सुन कर जिद के साथ सत्ता चलाने की कशिश की जा रही है जो पूरी तरह से लोकतंत्र के खिलाफ है।  

सुखबीर बादल की डिक्टेटरशिप
शिरोमणि अकाली दल पहले सर्वे करवाता है फिर लीडरशिप के साथ बात कर फैसला लेती है। पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए फैसला लिया जाता है। जो लोग विरेध कर रहे हैं उन्हें बुलाया गया तथा उनके इलाके में जो कमियां थीं उन पर फोकस करने को कहा। समस्या हल नहीं हुई तथा सर्वे में विरोध को देखते हुए टिकट किसी दूसरे को दे दी गई। मतलब तो ये है कि पार्टी को कैसे जिताया जाए। सत्ता कोई भावनाओं का खेल नहीं है। आगे बढऩे के लिए कई तरह के बदलाव करने पड़ते हैं। ऐसे में यह कहना कि सुखबीर बादल डिक्टेटर हो गया, सरासर गलत है। शिरोमणि अकाली दल में प्रकाश सिंह बादल से लेकर कई बड़े नेता टकसाली नेता हैं लेकिन कौन जीत सकता है और कौन नहीं, उसके आधार पर काम होगा। पार्टी में और भी कई जिम्मेदारियां होंगी। यूथ को आगे लाने के सवाल पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि कुछ टकसाली नेता हैं जिन्हें कितनी बार टिकट दिया और कितनी बार हार गए। आखिर कितनी बार उन्हें मौका दिया जाए। टकसाली के नाम पर पार्टी को खराब नहीं किया जाना चाहिए।

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