Punjab : निजी स्कूल प्रबंधकों को सख्त निर्देश, शिक्षा विभाग करेगा सख्त कार्रवाई

Edited By Urmila,Updated: 08 Mar, 2026 11:08 AM

strict instructions to private school managers

पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए निजी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं।

अमृतसर : पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए निजी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्कूल की पाठ्य-पुस्तकें, वर्दियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न करें। इसी संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) अमृतसर राजेश कुमार शर्मा ने विभिन्न निजी स्कूलों की जांच की।

इस संबंध में शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सामग्री के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। कुछ निजी स्कूलों द्वारा इन निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

इसके मद्देनजर आज जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर की एक उच्च स्तरीय टीम, जिसमें उप जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) राजेश खन्ना और जिला रिसोर्स कोऑर्डिनेटर राजन शामिल थे, ने विभिन्न निजी स्कूलों का दौरा कर नए सत्र के लिए विद्यार्थियों को दी जा रही पाठ्य-पुस्तकों, ली जा रही फीस और अन्य सुविधाओं की जांच की।

डी.ई.ओ. ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्कूल को विभिन्न कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि विद्यार्थी के माता-पिता किसी भी विक्रेता से किताबें खरीद सकें।

उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधकों द्वारा विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं के तहत सैक्रेड हार्ट स्कूल, मॉडल स्टडी पब्लिक स्कूल और स्टालवर्ट स्कूल सहित कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के बाथरूम और अन्य सुविधाओं की भी जांच की गई।

उन्होंने निजी स्कूलों को सख्त लहजे में कहा कि प्रत्येक स्कूल परिसर में पाठ्य-पुस्तकों की सूची लगाना अनिवार्य है और विद्यार्थियों के अभिभावक सूची के अनुसार किसी भी दुकान से किताबें खरीद सकते हैं। यदि कोई निजी स्कूल विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों को किसी विशेष दुकान, स्कूल परिसर में खुली दुकान या आसपास अस्थायी रूप से खुली दुकान से किताबें, शिक्षण सामग्री या वर्दी खरीदने के लिए मजबूर करता है या शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों से अधिक फीस वसूलता है तो शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता की जा सकती है रद्द

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि कोई निजी स्कूल प्रबंधन उन्हें किसी विशेष दुकान से किताबें या वर्दियां खरीदने के लिए बाध्य करता है तो वे सीधे जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर से संपर्क करें। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। इस अवसर पर परमिंदर सिंह सरपंच (जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर), राजदीप सिंह स्टेनो और अन्य शिक्षा कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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