Edited By Subhash Kapoor,Updated: 29 Oct, 2026 07:09 PM
सिख तालमेल कमेटी की ओर से संयुक्त बयान जारी कर कहा गया कि सिख चेहरों को नजरअंदाज करने का मुद्दा किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं होना चाहिए। जालंधर और पंजाब में सभी राजनीतिक पार्टियों को अपने फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए और सिख नेताओं को उनकी...
पंजाब डैस्क : सिख तालमेल कमेटी की ओर से संयुक्त बयान जारी कर कहा गया कि सिख चेहरों को नजरअंदाज करने का मुद्दा किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं होना चाहिए। जालंधर और पंजाब में सभी राजनीतिक पार्टियों को अपने फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए और सिख नेताओं को उनकी योग्यता, जनसेवा और राजनीतिक योगदान के आधार पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देनी चाहिए।
कमेटी ने कहा कि सिख समुदाय के प्रतिनिधित्व को केवल चुनाव के समय याद करने के बजाय पार्टियों के संगठनात्मक ढांचे और महत्वपूर्ण नियुक्तियों में भी उचित स्थान मिलना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी समुदायों को राजनीतिक प्रक्रिया में समान अवसर मिलना जरूरी है।
कमेटी ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य सिख समुदाय के मान-सम्मान, अधिकारों और उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना है। किसी भी पार्टी की ओर से सिख नेताओं को लगातार नजरअंदाज किए जाने की धारणा पैदा होना सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से चिंता का विषय है।

फैसले पर दोबारा विचार नहीं हुआ तो बनाई जाएगी अगली रणनीति
हरपाल छड्ढा ने आम आदमी पार्टी की हाईकमान से अपील की कि जालंधर के हलका इंचार्जों की नियुक्तियों की समीक्षा कर योग्य सिख नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस मामले का जल्द समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सिख समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व देने के संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो सिख तालमेल कमेटी की ओर से विभिन्न सिख संगठनों के साथ बैठक कर अगली रणनीति तय की जाएगी। इसमें संबंधित राजनीतिक पार्टी के बहिष्कार जैसे सख्त कदम पर विचार करना भी शामिल हो सकता है।
सिख तालमेल कमेटी ने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे सिख नेताओं की योग्यता और योगदान को उचित सम्मान दें तथा जालंधर सहित पूरे पंजाब में सिख समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
विभिन्न संगठनों ने अभियान में शामिल होने का ऐलान किया
विभिन्न संगठनों ने सिख तालमेल कमेटी द्वारा शुरू किए गए अभियान में हिस्सा लेने का ऐलान किया। इनमें अगाज के परमप्रीत सिंह विट्टी, गुरुद्वारा साहिब के प्रतिनिधियों में जगमोहन सिंह पक्का बाग, चरणजीत सिंह छड्ढा, कमलजीत सिंह गुरु तेग बहादुर नगर, सतपाल सिंह सिदकी, गुरजीत सिंह पोपली, हरप्रीत सिंह नीतू, भूपिंदर पाल सिंह गढ़ा, गुरविंदर सिंह सिद्धू, पलविंदर सिंह बाबा, गुरविंदर सिंह नागी, अमनदीप सिंह बग्गा, अरविंदर पाल सिंह बबलू, तेजिंदर सिंह संत नगर, जसप्रीत सिंह जस्सी, रणजीत सिंह गोल्डी, सन्नी राठौर, राजा सिंह, हरप्रीत सिंह बाजवा, रणजीत सिंह नोनी, परमजीत सिंह, बंटी राठौर, मोहिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, मंगत सिंह, जस्मीत सिंह लोटस, सुखदेव सिंह सुखा बेदी साहिब, भूपिंदर सिंह भिंदा, प्रदीप सिंह विक्की, बलविंदर सिंह, मनिंदर सिंह बेदी और डॉक्टर गुरमुख सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित थे।
