Edited By Urmila,Updated: 18 Oct, 2026 12:24 PM

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। परिवार ने अभी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है।
मानसा : परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। परिवार ने अभी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है और इंसाफ की मांग को लेकर धरना जारी रखा हुआ है। अब इस मामले को लेकर आंदोलन का दायरा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब ने विभिन्न जिलों में बैठकें करने का फैसला लिया है, जिनमें आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
इंसाफ कमेटी ने 19 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आम आदमी पार्टी के विधायकों के आवासों के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस दौरान विधायकों को विरोध स्वरूप लाहनती पत्र सौंपे जाएंगे। कमेटी का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार के सामने रखी गईं प्रमुख मांगें
झोटा के परिवार और इंसाफ कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे के साथ हत्या के मामले की सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। परिवार का कहना है कि इन मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासन और पुलिस लगातार बातचीत के जरिए परिवार को पोस्टमार्टम के लिए राजी करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है।
नशे के खिलाफ अभियान को लेकर भी नाराजगी
इंसाफ कमेटी ने नशे के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों को हटाने या फाड़ने का कार्यक्रम भी घोषित किया है। कमेटी के सदस्यों ने नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वालों की सुरक्षा और सरकारी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस घटना ने इलाके में नशे के खिलाफ काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
घायलों के लिए 10-10 लाख रुपये की मांग
कमेटी ने गोलीबारी में घायल हुए चार युवकों के लिए पंजाब सरकार से प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी है। इसके साथ ही परविंदर सिंह झोटा की याद में स्टेडियम या ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने रखा गया है। कमेटी इन मांगों को पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने और इलाके में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने से जोड़ रही है।
बच्चों की आर्थिक मदद का प्रस्ताव परिवार ने ठुकराया
SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने झोटा के पिता भीम सिंह से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने झोटा के दोनों बच्चों, जिनकी उम्र 9 और 6 साल बताई गई है, के नाम पर 10-10 लाख रुपये की एफडी करवाने और उनकी परवरिश में सहयोग देने की पेशकश की। परिवार ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। पिता के अनुसार, उन्हें निजी आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं है और उनकी प्राथमिकता गोलीबारी में घायल हुए युवकों को मदद दिलाना है।
इसके बाद SGPC ने चार घायल युवकों को 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की। प्रत्येक युवक के लिए 2.5 लाख रुपये इलाज और इतनी ही राशि आर्थिक सहायता के रूप में देने की बात कही गई है। जरूरत पड़ने पर अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी मेडिकल कॉलेज में उपचार का खर्च उठाने की पेशकश भी की गई है।
घायल युवकों से मिलने पहुंचे विधायक को करना पड़ा विरोध का सामना
शनिवार को मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला सिविल अस्पताल में भर्ती घायल युवकों का हाल जानने पहुंचे थे। उनके साथ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। अस्पताल में झोटा के समर्थकों और निहंग सिंहों ने उनके पहुंचने पर विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच विधायक को बाहर निकाला। विधायक ने घायलों के इलाज का खर्च सरकार की ओर से देने का भरोसा दिया।
आरोपी का लाइसेंस रद्द, पुराने मामलों पर उठे सवाल
इस हत्याकांड के आरोपी अश्वनी कुमार का हथियार लाइसेंस जिला प्रशासन ने रद्द कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात में लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया गया था। रिकॉर्ड में आरोपी के खिलाफ पहले से पांच पुलिस मामले दर्ज होने का भी उल्लेख है। बताया गया है कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया अगस्त 2024 में शुरू हुई थी। एसएसपी की सिफारिश के बाद प्रशासन ने लाइसेंस रद्द किया। अब इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि पहले से दर्ज मामलों के बावजूद लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी। फिलहाल मानसा में परिवार का धरना जारी है। 19 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शनों और संयुक्त किसान मोर्चा की जिला स्तरीय बैठकों के जरिए आंदोलन की आगे की दिशा तय की जाएगी।
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