Edited By Urmila,Updated: 17 Oct, 2026 11:46 AM

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
मानसा: नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मानसा के केमिस्ट अश्विनी कुमार ने झोटा से हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की योजना बनाई थी। वारदात से पहले उसने अपनी पत्नी नीलम गर्ग को फोन कर कहा था कि अब वह झोटा को और बर्दाश्त नहीं कर सकता और आज उसे जान से मार देगा।
2023 में जूतों की माला पहनाकर बाजार में घुमाया था
पुलिस पूछताछ में अश्विनी ने बताया कि झोटा के साथ उसकी दुश्मनी जुलाई 2023 में शुरू हुई थी। उस समय झोटा ने उस पर नशा बेचने का आरोप लगाते हुए उसे जूतों की माला पहनाई और पूरे बाजार में घुमाया था। अश्विनी के मुताबिक, इस घटना से उसे काफी बेइज्जती महसूस हुई। वह इस बात को भुलाने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब भी झोटा उसकी दुकान पर आता तो उसे पुरानी घटना याद आ जाती थी। वह पत्नी से भी कई बार झोटा से बदला लेने की बात करता था।
लाइसेंस बनवाकर खरीदी पिस्टल और बंदूक
जांच के अनुसार, अश्विनी ने झोटा से बदला लेने के लिए हत्या की योजना बनाई और साल 2024 में आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया। इसके लिए मानसा सिटी-2 थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 66 का आधार लिया गया। 9 अगस्त को एसएसपी ने लाइसेंस जारी करने की सिफारिश की और 21 अगस्त को उसे लाइसेंस मिल गया। इसके बाद अश्विनी ने 7.62 एमएम की पिस्टल और 12 बोर की बंदूक खरीदी। लाइसेंस 20 अगस्त 2029 तक वैध था। उसे एक बार में 50 और साल में कुल 100 कारतूस खरीदने की अनुमति भी दी गई थी।
हत्या से पहले पत्नी को फोन कर दी थी धमकी
पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को झोटा के मेडिकल स्टोर पर आने के बाद अश्विनी ने पहले अपने चाचा को फोन किया और बताया कि झोटा दुकान पर हंगामा कर रहा है। इसके बाद उसने बेटे के फोन पर पत्नी से संपर्क किया। तीन बार कॉल नहीं उठी, लेकिन चौथी बार नीलम ने फोन उठा लिया। आरोप है कि इस दौरान अश्विनी ने पत्नी से कहा कि वह आज झोटा को गोली मार देगा।
पहली गोली के बाद भी नहीं रुका आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान अश्विनी ने झोटा पर पहली गोली चलाई, जो उनकी जांघ में लगी। गोली लगने के बाद झोटा दुकान से बाहर निकलकर बाजार में खड़े हो गए। अश्विनी ने उन्हें जिंदा देखा तो पिस्टल लेकर उनके पास पहुंचा और पेट में दो और गोलियां मार दीं। इनमें से एक गोली लिवर को आर-पार कर गई, जिससे झोटा की मौत हो गई। पूछताछ में अश्विनी ने कथित तौर पर कहा कि उसे डर था कि झोटा बच गए तो भीड़ उसे निशाना बना सकती है।
हत्या के बाद हरियाणा के रास्ते राजस्थान भागा
वारदात को अंजाम देने के बाद अश्विनी मौके से फरार हो गया। उसने लाडी नाम के एक साथी को बुलाया और उसकी बुलेट बाइक पर बैठकर शहर से बाहर निकल गया। इसके बाद वह हरियाणा के रतिया में अपनी ससुराल पहुंचा और रात वहीं रुका। अगले दिन वह जयपुर के लिए रवाना हुआ, जहां उसका बेटा पढ़ाई करता है। हालांकि, पुलिस ने उसे सालासर के पास गिरफ्तार कर लिया और मानसा ले आई।
पत्नी समेत चार लोग नामजद
मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार, उसकी पत्नी नीलम गर्ग समेत चार लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस को शक है कि नीलम को हत्या की योजना की जानकारी थी, लेकिन उसने न तो पहले और न ही वारदात वाले दिन पुलिस को सूचित किया। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। एसएसपी के मुताबिक, अश्विनी और उसके एक सहयोगी को सात दिन, जबकि नीलम और चौथे आरोपी को छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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