Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 Oct, 2026 09:46 PM

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज पंजाब बंद के दौरान विभिन्न संगठनों की ओर से दिए गए सहयोग के लिए संघर्ष कमेटी ने सभी का आभार जताया। कमेटी ने स्पष्ट किया कि बंद के बाद भी उनका धरना लगातार जारी रहेगा।
पंजाब डेस्कः परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज पंजाब बंद के दौरान विभिन्न संगठनों की ओर से दिए गए सहयोग के लिए संघर्ष कमेटी ने सभी का आभार जताया। कमेटी ने स्पष्ट किया कि बंद के बाद भी उनका धरना लगातार जारी रहेगा। कमेटी ने आरोप लगाया कि इतने बड़े आंदोलन के बावजूद पंजाब सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
संघर्ष कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ आरोपियों के लाइसेंस रद्द करने की मांग रखी और कहा कि उनकी संपत्तियों की जांच करवाई जाए। इसके साथ ही इलाके में नशे की बिक्री के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के नाम भी एफआईआर में शामिल करने और उन्हें बर्खास्त करने की मांग उठाई गई। कमेटी ने मांग की कि सबसे पहले संबंधित इलाके के ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। वहीं, जिस एसएचओ को सस्पेंड किया गया है, उसे बर्खास्त किया जाए।
हत्या की CBI जांच और प्रतिमा बनाने की मांग
संघर्ष कमेटी ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने की मांग की। इसके अलावा, जिस स्थान पर परविंदर की हत्या हुई थी, वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी गई। कमेटी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से भी अपील की कि परविंदर झोटा को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं। कमेटी का कहना है कि परविंदर ने नशे के खिलाफ हमेशा संघर्ष किया और नशे के खात्मे के लिए आवाज उठाई।
मांगें नहीं मानीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
संघर्ष कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया जा सकता है। कमेटी ने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।