Edited By Subhash Kapoor,Updated: 29 Jan, 2026 05:30 PM

चंडीगढ़ में नगर निगम की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी के पार्षद सौरभ जोशी को चंडीगढ़ का नया मेयर घोषित किया गया है। वार्ड नंबर-12 से निर्वाचित सौरभ जोशी ने 18 वोट हासिल कर यह अहम जिम्मेदारी अपने नाम की। मेयर के ऐलान के...
चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में नगर निगम की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी के पार्षद सौरभ जोशी को चंडीगढ़ का नया मेयर घोषित किया गया है। वार्ड नंबर-12 से निर्वाचित सौरभ जोशी ने 18 वोट हासिल कर यह अहम जिम्मेदारी अपने नाम की। मेयर के ऐलान के साथ ही बीजेपी खेमे में जश्न का माहौल देखने को मिला, वहीं नवनिर्वाचित मेयर सौरभ जोशी भावुक नजर आए।
मेयर चुने जाने के बाद सौरभ जोशी ने सबसे पहले बीजेपी की शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि देशभर में दिन-रात मेहनत कर रहे बीजेपी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की है। जोशी ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के भरोसे ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
इस चुनावी जीत के बाद चंडीगढ़ बीजेपी के लिए खुशी की वजह और भी बड़ी बन गई, क्योंकि मेयर के साथ-साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर—तीनों ही पदों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। नतीजों के ऐलान के बाद पार्टी कार्यालयों और समर्थकों के बीच ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी जाहिर की।
मेयर बनने के बाद सौरभ जोशी का भावुक अंदाज़ भी सभी का ध्यान खींचता रहा। अपने पिता को याद करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं और वे सिसकियां भरते नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें जो सबसे बड़ी सीख दी, वह यही थी कि अगर किसी की आंखों में आंसू हों, तो राजनीति से पहले इंसानियत को प्राथमिकता दो। जोशी ने कहा कि वे राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानते हैं।
अपने संबोधन में सौरभ जोशी ने विपक्ष के लिए भी सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “मैं किसी का प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक सहयात्री की तरह बात कर रहा हूं। कुर्सी एक की होती है, लेकिन शहर हम सबका होता है।” उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले 300 दिनों में पक्ष और विपक्ष से ऊपर उठकर सभी मिलकर चंडीगढ़ को संवेदना, ईमानदारी और न्याय का शहर बनाएंगे। नए मेयर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आसान रास्ते की उम्मीद नहीं करते, लेकिन जिम्मेदारी निभाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, “मैं यह वादा नहीं करता कि कभी थकूंगा नहीं, लेकिन यह जरूर कहता हूं कि अपने पिता की विरासत को कभी झुकने नहीं दूंगा।”