कांग्रेस में बगावत, सुनील जाखड़ के बयान पर प्रताप बाजवा का तीखा जवाब

Edited By Tania pathak,Updated: 05 Aug, 2020 06:27 PM

rebellion in congress now pratap bajwa s reply to sunil jakhar

बाजवा ने कहा कि जाखड़ को यह बात याद रखनी चाहिए कि प्रशासन के निकंमेपन और गलत कामों को बर्दाश्त करने की एक सीमा होती है और...

गुरदासपुर (हरमन): पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ की तरफ से कांग्रेस हाई कमान को पत्र लिख कर कार्यवाही के लिए की माँग के बाद तीखा जवाब देते हुए प्रताप बाजवा ने जाखड़ को कहा कि मुख्यमंत्री का पक्ष पूर्ण की बजाय उनको अपने सांसदीय हलके साथ संबंधी बटाला में ज़हरीली शराब पीने के कारण मारे गए व्यक्तियों के पीड़ित परिवारों को हौसला देना चाहिए था। बाजवा ने कहा कि जाखड़ को यह बात याद रखनी चाहिए कि प्रशासन के निकंमेपन और गलत कामों को बर्दाश्त करने की एक सीमा होती है और लोगों की सेवा करने वाले राजसी नेताओं को कभी भी ऐसी लापरवाही स्वीकार नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा यदि जाखड़ में हिम्मत होती तो वह मुख्यमंत्री को इन मुद्दों पर सवाल करते, जिस के साथ यह दुखांत रोका जा सकता परन्तु पंजाब कांग्रेस के प्रधान होने के बावजूद जाखड़ ने अपना फ़र्ज़ नहीं निभाया और हर अच्छे -बुरे काम में मुख्यमंत्री की हाँ में हाँ मिला कर उन्होंने पंजाब के कांग्रेसी वर्करों को निराश किया है। उन्होंने जाखड़ को कहा कि कैप्टन की वकालत करने की बजाय वह इंसाफ की बात करे। 

बाजवा ने कहा कि उन्होंने और दूलो ने अपना कोई निजी मुद्दा नहीं उठाया बल्कि उन्होंने एक ज़िम्मेदार राज्यसभा मैंबर होने के नाते केंद्र में भी हमेशा पंजाब के लोगों के हकों की पैरवी की है और अब भी वह यही कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि 'मैं महाराजा के दरबार में अपनी ज़मिर को नहीं रोला है'। 

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