Edited By Urmila,Updated: 16 Mar, 2026 04:05 PM

फतेहगढ़ साहिब की अदालत से मानहानि मामले में एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जस्टिस जे.एस. मेहंदी रत्ता ने शिरोमणि कमेटी के सदस्य भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा द्वारा दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया है।
पटियाला : फतेहगढ़ साहिब की अदालत से मानहानि मामले में एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जस्टिस जे.एस. मेहंदी रत्ता ने शिरोमणि कमेटी के सदस्य भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा द्वारा दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने निचली अदालत के पुराने आदेशों को खारिज करते हुए सिख प्रचारक रणजीत सिंह ढडरियां वाले के खिलाफ केस चलाने और उन्हें कोर्ट में पेश होने के निर्देश जारी किए हैं।
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा के अधिवक्ता अमरदीप सिंह धारनी ने बताया कि वर्ष 2019 में मानहानि का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन उस समय निचली अदालत ने रणजीत सिंह ढडरियां वाले को तलब करने का कोई आदेश पारित नहीं किया। इसी आदेश को चुनौती देते हुए रिवीजन याचिका दायर की गई थी।
अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि मामले में प्रथम दृष्टया सुनवाई बनती है, इसलिए निचली अदालत को निर्देश दिए गए हैं कि वह आरोपी को समन जारी कर विधिवत कार्यवाही आगे बढ़ाए।
वकील ने यह भी आरोप लगाया कि कथित तौर पर एक धार्मिक दीवान के दौरान रणजीत सिंह ढडरियां वाले द्वारा सिख प्रचारक भाई हरि सिंह रंधावा और उनके पुत्र, शिरोमणि कमेटी सदस्य भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा के सम्मान और मर्यादा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं, जिन्हें मानहानिकारक बताया गया है।
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