शिक्षा विभाग का पंजाब के स्कूलों को लेकर फैसला, जारी किया प्रोजेक्ट

Edited By Kalash,Updated: 14 Apr, 2026 10:45 AM

punjab school new project

पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशहाली वाली खबर है। अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकेंगे।

लुधियाना (विक्की): पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशहाली वाली खबर है। अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकेंगे। स्टेट काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.), पंजाब ने विद्यार्थियों के कम्युनिकेशन स्किल्स को निखारने के लिए सैशन 2026-27 के दौरान 'इंगलिश सर्कल्स' प्रोजेक्ट को जारी रखने का फैसला किया है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के मन से अंग्रेजी बोलने का डर और झिझक को दूर करना है। विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि उनका सामाजिक संपर्क भी बेहतर होगा। इस प्रोजेक्ट में छठी से 12वीं कक्षा के इच्छुक विद्यार्थी भाग ले सकेंगे जिन्हें लेक्चरर और अध्यापकों द्वारा चुना जाएगा।

अलग-अलग लैवल पर होंगी रोचक गतिविधियां 

प्रोजेक्ट को प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों को उनके कौशल के आधार पर दो भागों में बांटा गया है। जो विद्यार्थी पहले से अंग्रेजी में अच्छे हैं, उन्हें कन्वर्सेशन, रोल-प्ले, 'लेट्स रिसाइट' और 'स्टोरी रिव्यू' जैसी एडवांस्ड गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। वहीं शुरुआत करने वाले नए विद्यार्थियों के लिए 'शो एंड टैल', 'सी.वी.सी. वर्ड्स ड्रिल', 'जैज़ चैंट्स' और 'पिक्चर डिस्क्रिप्शन' जैसी रोचक एक्टिविटीज करवाई जाएंगी।

'वर्ड ऑफ द डे' से बढ़ेगी शब्दावली

विद्यार्थियों की शब्दावली (वोकेबलरी) बढ़ाने के लिए स्कूलों में 'वर्ड ऑफ द डे' शुरू किया जाएगा। इसके तहत हर रोज एक नया अंग्रेजी शब्द सिखाया जाएगा। अध्यापक विद्यार्थियों को प्रेरित करेंगे कि वे स्कूल परिसर में आपस में और अध्यापकों के साथ ज्यादा से ज्यादा अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करें।

बेहतरीन प्रदर्शन पर मिलेंगे सर्टीफिकेट 

विद्यार्थियों के उत्साह को बनाए रखने के लिए हर महीने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों का नाम मॉर्निंग असेंबली में घोषित किया जाएगा और स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी लगाया जाएगा। अच्छा काम करने वाले अध्यापकों और विद्यार्थियों को जिला शिक्षा अफसर (डी.ई.ओ.) द्वारा सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया जा सकता है। एस.सी.ई.आर.टी. ने स्पष्ट किया है कि इस प्रोजेक्ट का इंचार्ज स्कूल का अंग्रेजी लेक्चरर या अध्यापक होगा और इसकी निगरानी ब्लॉक और जिला स्तर की टीमें करेंगी।

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