पाक सीमा पर पंजाब पुलिस-BSF की सख्ती, 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात

Edited By Urmila,Updated: 14 Sep, 2026 10:58 AM

punjab police and bsf crack down along the pakistan border

पाकिस्तान से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पंजाब पुलिस और बी.एस.एफ. की सख्ती के चलते राज्य में हेरोइन की जमीनी स्तर पर उपलब्धता में कमी आई है।

चंडीगढ़/जालंधर (हरिश्चंद्र, धवन): पाकिस्तान से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पंजाब पुलिस और बी.एस.एफ. की सख्ती के चलते राज्य में हेरोइन की जमीनी स्तर पर उपलब्धता में कमी आई है। वहीं नशा तस्करी के तौर-तरीकों में बदलाव के साथ दूसरे राज्यों से आने वाली फार्मास्यूटिकल ड्रग्स पुलिस के लिए नई चुनौती बनकर सामने आई हैं।

पंजाब पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार सीमा पर ड्रोन के जरिए नशा तस्करी रोकने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं। इनमें 3 ‘बाज की आंख’ सिस्टम अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर में पहले से कार्यरत हैं। इसके अलावा लंबे समय तक काम करने वाली ‘ड्रोन सैंस डी200 प्रो’ की 3 नई यूनिटें 3 सितम्बर से सीमावर्ती जिलों में रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गई हैं। ये सिस्टम ड्रोन की गतिविधियों और खेप गिराने के स्थानों की जानकारी उपलब्ध करवाते हैं।

ड्रोन अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई के लिए 147 पुलिस कर्मचारियों और 52 ड्रोन रिस्पांस टीमों को बी.एस.एफ. के साथ तैनात किया गया है। सीमा क्षेत्र में 585 स्थानों पर 2,367 सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 600 पुलिस कर्मचारियों वाले 64 सैकेंड लाइन ऑफ डिफैंस नाके स्थापित किए गए हैं। गांवों में विलेज डिफैंस कमेटियों को भी ड्रोन रिस्पांस टीमों के साथ जोड़ा गया है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक करीब 80,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 486 ड्रोन बरामद किए गए हैं। नशा तस्करों की संपत्तियों पर कार्रवाई के तहत 336 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई है।

दूसरे राज्यों से 11.54 लाख नशीली गोलियां-कैप्सूल बरामद 

पुलिस के अनुसार पंजाब में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल के तरीके में बदलाव देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025 से अब तक दूसरे राज्यों से जुड़ी खेपों में 11.54 लाख नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए जा चुके हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खेपें शामिल हैं।

पुलिस के अनुमान के मुताबिक पंजाब में तस्करी के जरिए पहुंचने वाली फार्मास्यूटिकल ड्रग्स में 80 प्रतिशत से अधिक गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली आदि राज्यों से आती हैं। पुलिस संबंधित राज्यों के साथ समन्वय कर निर्माण इकाइयों के नियमन, दवाओं की बिक्री व खरीद पर निगरानी तथा अंतर्राज्यीय तस्करी रोकने के उपायों पर काम करेगी।

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