दस्तार उतारी और फिर Private Part पर लगाया करंट...! पंजाब पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

Edited By Vatika,Updated: 06 Apr, 2026 02:35 PM

punjab police allegations

महानगर में पुलिस की बर्बरता का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने

लुधियाना (राज): महानगर में पुलिस की बर्बरता का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खाकी को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। दुगरी फेस-1 के रहने वाले दुकानदार सरबजीत सिंह ने थाना डिवीजन नंबर 6 के एसएचओ विजय कुमार और अन्य पुलिस कर्मियों पर हिरासत के दौरान रोंगटे खड़े कर देने वाले टॉर्चर के आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उसे न केवल बेइज्जत किया गया, बल्कि उसके नाजुक अंगों पर बिजली के करंट तक लगाए गए। पीडि़त ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर इंसाफ की गुहार लगाई है।

SHO ने ड्राइवर और तीन कांस्टेबलों की मदद से उतरवाए कपड़े 
पीडि़त सरबजीत सिंह ने बताया कि 3 अप्रैल की रात करीब 9 बजे के बीच वह अपनी दुकान पर था। उसी समय एसएचओ विजय कुमार पुलिस टीम के साथ आए, लेकिन उन्हें दुकान में कोई भी शराब पीते हुए नहीं मिला। उनके जाने के कुछ देर बाद चार अज्ञात व्यक्ति आए और जन्मदिन का बहाना बनाकर शराब पीने की जिद करने लगे। सरबजीत के मना करने के बावजूद वे जबरदस्ती बैठ गए। तभी अचानक एसएचओ फिर से वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए सरबजीत और उन चारों व्यक्तियों को थाने ले गए। आरोप है कि उन चार लोगों को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि सरबजीत पर झूठा केस दर्ज कर लिया गया। सी.पी. को दी शिकायत में सरबजीत ने बताया कि एसएचओ ने उसे शराब पीने के लिए कहा। जब उसने मना किया तो एसएचओ ने अपने ड्राइवर और तीन कांस्टेबलों की मदद से उसके कपड़े उतरवा दिए। पीडि़त का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ-पैर पकड़े और उसके गुप्तांगों पर बिजली के करंट लगाए। इतना ही नहीं, एसएचओ ने उसके नाक में भी करंट वाली तारें डाल दीं, जिससे उसकी बाईं आंख से धुंधला दिखना शुरू हो गया है।

नवरात्रों के चलते रखी गई थी दुकान बंद
पीडि़त के अनुसार, जब उसका पड़ोसी जमानत देने पहुंचा तो उसे फिर से अंदर बुलाया गया। वहां एसएचओ ने उसकी दस्तार उतार दी और दाढ़ी व केशों से पकडक़र उसे नीचे गिरा लिया और जमकर लातें मारीं। पूछने पर एसएचओ ने कथित तौर पर कहा कि उसकी बंद दुकान से चिकन लेने आए थे लेकिन सरबजीत ने मना कर दिया था। सरबजीत का कहना है कि नवरात्रों के चलते दुकान बंद होने के कारण वह सामान नहीं दे सका था, इसी रंजिश में उसे बुरी तरह पीटा गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में उसकी जेब से करीब 20,750 रुपये और उसका वीवो कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया गया जो अब तक वापस नहीं मिला है। गंभीर हालत में परिजनों ने सरबजीत को सिविल अस्पताल लुधियाना में भर्ती करवाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

SHO ने बयानों को बताया बिल्कुल झूठ
वहीं, दूसरी तरफ इस संबंध में जब एस.एच.ओ. विजय कुमार से बात की गई तो उन्होने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोपी बिल्कुल झूठ है। सरबजीत सिंह और उसका भाई मिल्लर गंज के पास मच्छी बेचते है और बाहर लोगों को खुलेआम शराब पिलाते है। चौकी इंचार्ज ने उसके भाई को शराब पिलाते हुए पकड़ा था और उसके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। लेकिन,ख्कुछ देर बाद फिर जब उनकी पुलिस पार्टी गश्त करते हुए वहां से निकली तो सरबजीत फिर ग्राहकों को शराब पीला रहा था। जोकि पुलिस को देखकर गाली गलौच करने लगा। पुलिस ने उसे भी पकड़ कर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा किसी तरह की कोई मारपीट नहीं की गई थी। दोनों ने कानून की उल्लंघना की थी और दोनों पर कानून के मुताबिक ही कार्रवाई की गई है। उन पर लगे आरोपी बिल्कुल की बेगुनियाद है। पुलिस अधिकारियों की जांच में सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।

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