Edited By Vatika,Updated: 15 Sep, 2026 09:41 AM

पठानकोट से संबंधित अमृतधारी सिख युवक को सऊदी अरब की अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने की
पठानकोट(हरजिंदर सिंह गोराया): पठानकोट से संबंधित अमृतधारी सिख युवक को सऊदी अरब की अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के मुताबिक, युवक को करीब 3 साल पहले दुबई-सऊदी अरब सीमा पर एक ट्रक से ड्रग्स बरामद होने के मामले में दोषी ठहराया गया है।
परिवार का दावा है कि युवक का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं था और उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। परिवार के अनुसार, जिस व्यक्ति पर नशा तस्करी से जुड़े होने का आरोप था, वह उनका बेटा नहीं बल्कि कोई अन्य व्यक्ति था। परिवार ने बताया कि फांसी की सजा की जानकारी मिलने के बाद बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
केंद्र और पंजाब सरकार से हस्तक्षेप की मांग
परिवार ने केंद्र सरकार और पंजाब सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि कूटनीतिक स्तर पर सऊदी अरब सरकार से संपर्क कर युवक की जान बचाने के लिए हर संभव कानूनी और कूटनीतिक प्रयास किए जाएं। परिवार का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे बिना पूरे तथ्यों की जांच के सजा दी जा रही है।
मासूम बच्चों को पिता की वापसी का इंतजार
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में परिवार का दर्द साफ दिखाई दे रहा है। एक तस्वीर में बच्चा अपने पिता की तस्वीर को चूमता नजर आ रहा है, जबकि मां भी भावुक दिखाई दे रही है। परिवार ने सरकारों से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया जाए, फांसी की कार्रवाई रोकने के प्रयास किए जाएं और युवक को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाए।