Edited By Kalash,Updated: 11 Jun, 2026 01:12 PM

नगर निगम की लापरवाही से बुधवार शाम को शहर में अंधेरा छा गया।
लुधियाना (हितेश): नगर निगम की लापरवाही से बुधवार शाम को शहर में अंधेरा छा गया। यह मामला पावरकॉम द्वारा सरकारी विभागों पर लगाई गई बिजली के प्रीपेड मीटर लगाने की शर्त से जुड़ा हुआ है जिसके तहत सरकारी विभागों को बिजली चलाने के लिए प्रीपेड मीटर की एडवांस पेमेंट जमा करवानी होगी लेकिन नगर निगम की लाइट ब्रांच के अधिकारियों द्वारा इस शर्त को लागू नहीं किया गया। इस चक्कर में पावरकाम द्वारा बुधवार शाम को स्ट्रीट लाइट बंद कर दी गई जिसके चलते शहर के कई इलाकों में अंधेरा छा गया है।
इस मुद्दे पर पार्षद अरुण शर्मा व इंद्र अग्रवाल द्वारा फेसबुक लाइव के जरिए नगर निगम के अधिकारियों पर भड़ास निकाली गई। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बिजली पर चुंगी के बदले मिलने वाले चार्ज को बिजली बिल के साथ एडजस्ट किया जाता है, इसलिए उन्हें प्रीपेड मीटर की शर्त से छूट मिलनी चाहिए। लेकिन नगर निगम के अधिकारियों के पास यह सिस्टम लागू करवाने के लिए पावरकॉम के साथ तालमेल करने का कोई जवाब नहीं है जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है
कंपनी के पास है आप्रेशन एंड मेंटेनेंस
नगर निगम द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत सोडियम की जगह एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइट लगाने वाली कंपनी को ही आप्रेशन एंड मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन नगर निगम के अधिकारियों की तरह ही कंपनी ने भी पावरकॉम द्वारा सरकारी विभागों पर लगाई गई प्रीपेड मीटर की शर्त के मद्देनजर पहले से कोई विकल्प नहीं लागू किया गया। अब कंपनी ने सारा ठीकरा नगर निगम के अधिकारियों पर फोड़ दिया है।
पहले ट्यूबवेल भी हो चुके हैं बंद
यह पहला मामला नहीं है, जब पावरकॉम द्वारा सरकारी विभागों पर लगाई गई प्रीपेड मीटर की शर्त को लेकर नगर निगम अधिकारियों की नालायकी के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले प्रीपेड मीटर में एडवांस पेमेंट जमा न होने की वजह से स्ट्रीट लाइट की तरह ट्यूबवेल भी बंद हो चुके हैं। इस मामले में नगर निगम द्वारा सरकार के उस फैसले का हवाला दिया गया जिसमें पानी-सीवरेज के बिलों की माफी के बदले में ट्यूबवेल की बिजली के बिल की अदायगी नगर निगम की जगह वित्त विभाग द्वारा की जाएगी।
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