Edited By Kamini,Updated: 31 Mar, 2026 12:35 PM

कांग्रेस नेता की हत्या में एक और खुलासा हुआ है। लुधियाना में रविवार को कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
लुधियाना : कांग्रेस नेता की हत्या में एक और खुलासा हुआ है। लुधियाना में रविवार को कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड को लेकर जहां पुलिस इसे प्रॉपर्टी विवाद से जोड़ रही है, वहीं परिवार और करीबी लोग इस थ्योरी को खारिज करते हुए इसे सुपारी देकर कराई गई हत्या बता रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, वारदात उस वक्त हुई जब रविवार शाम करीब साढ़े 6 बजे परमिंदर तिवारी गांव तखरां के बस स्टैंड स्थित अपने क्वार्टरों के बाहर कुर्सी पर बैठे हुए थे। वहीं दुकान चलाने वाली महिला संगीता ने बताया कि परमिंदर तिवारी गाड़ी में आए आकर कुर्सी यहां पर कुर्सी पर बैठ गए। वह 15 मिनट तक महिला से उसके बच्चे की एडमिशन को लेकर बात की और फिर आंधे घंटे तक किसी से फोन पर बात करते रहे। महिला ने बताया कि इसी बीच वहां पर 2 युवक जिनके मुंह ढके हुए थे और हाथ में कुल्हाड़ी पकड़ घूम रहे थे।
हमलावर पहले तिवारी के पास पहुंचे और सामान्य तरीके से नमस्ते की। इसके तुरंत बाद उन्होंने कुल्हाड़ी से उनके सिर पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि तिवारी को संभलने या मदद के लिए पुकारने का मौका भी नहीं मिला। पहले तो लगा जैसे किसी ने शटर पर कुछ मारा हो, लेकिन जब महिला ने बाहर आकर देखा तो परमिंदर तिवारी खून से लथपथ जमीन पर गिरे हुए थे। इस दौरान शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया। जिसके बाद उन्हें तुरन्त अस्पताल लेकर जाया गया।
इस घटना के 5 मिनट बाद तिवारी के मोबाइल फोन पर एक अंतरराष्ट्रीय कॉल आई, जिसमें उनकी हालत के बारे में पूछा गया। तिवारी के करीबी नंद किशोर कौशल के मुताबिक, यह कॉल उनके बेटे ने उठाई और बाद में परिवार को इसकी जानकारी दी गई। इस कॉल ने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है। परिवार का आरोप है कि यह कोई साधारण विवाद नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न तो पोस्टमॉर्टम करवाएंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। उधर, पुलिस ने एक आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। एडीसीपी जशनदीप सिंह का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि परमिंदर तिवारी तखरां गांव में एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालित करते थे, जिसे पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त थी। इसके अलावा उन्होंने माछीवाड़ा रोड के पास किराए पर देने के लिए क्वार्टर भी बनवाए थे, जहां वह रोजाना शाम को निगरानी के लिए जाते थे।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here