पंजाब के अस्पतालों के लिए बड़े आदेश जारी, High Court ने मरीजों की सुविधा के लिए दिए निर्देश

Edited By Kamini,Updated: 23 Sep, 2026 10:40 AM

major orders issued for hospitals in punjab

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य के सभी जिला अस्पतालों में जरूरी मेडिकल सुविधाएं देने के लिए हर मुमकिन कोशिश करे।

चंडीगढ़ (गंभीर): पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य के सभी जिला अस्पतालों में जरूरी मेडिकल सुविधाएं देने के लिए हर मुमकिन कोशिश करे। कोर्ट ने साफ किया कि मरीज़ों को बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने सरकार को पालना का हल्फनामा फाइल करने का आदेश दिया और अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की।

बेंच ने कहा कि राज्य से उम्मीद है कि वह सभी जिला अस्पतालों में जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगा। कोर्ट ने पहले साफ कर दिया था कि नागरिकों को मेडिकल और हेल्थ सर्विस देना राज्य की पहली जिम्मेदारी है और इस मामले में कोई भी लापरवाही मंजूर नहीं है।

सिर्फ बिल्डिंग और इक्विपमेंट काफी नहीं

जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अस्पतालों में सिर्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना काफ़ी नहीं है। इन सुविधाओं को अच्छे से चलाने के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और दूसरे जरूरी कर्मचारियों की भर्ती करना भी जरूरी है। कोर्ट ने राज्य को हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने के लिए जरूरी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। पंजाब और हरियाणा में हेल्थकेयर सुविधाओं की उपलब्धता और कामकाज से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने उम्मीद जताई थी कि दोनों राज्य जल्द ही जरूरी मेडिकल सुविधाएं शुरू कर देंगे।

मलेरकोटला हॉस्पिटल में CT स्कैन और MRI का मुद्दा

यह मामला मलेरकोटला सिविल हॉस्पिटल में हेल्थकेयर सुविधाओं की हालत पर सुनवाई के दौरान सामने आया। भीष्म किंगर की दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया था जिसमें सिविल हॉस्पिटल में एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए CT स्कैन और MRI सुविधाएं देने का इंतजाम किया गया था। कोर्ट ने कहा कि बेसिक हेल्थ सुविधाएं देना राज्य की जिम्मेदारी है। इसमें जिला और सब-डिवीजन लेवल के हॉस्पिटल में मॉडर्न मेडिसिन के लिए जरूरी CT स्कैन और MRI जैसी सुविधाएं देना शामिल है।

जिला हॉस्पिटल में सुविधाओं पर रिपोर्ट मांगी गई

हाईकोर्ट ने पहले राज्य को यह पक्का करने का निर्देश दिया था कि जरूरी मेडिकल सेवाएं सिर्फ़ कागज़ों पर ही उपलब्ध न हों, बल्कि असल में हॉस्पिटल में काम कर रही हों। अब डिवीजन बेंच ने सरकार से इन निर्देशों के पालन के बारे में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई में सरकार जिला अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति और जरूरी संसाधनों के बारे में जानकारी पेश करेगी।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!