अगर कनाडा में थे हरजोत बैंस तो उसी समय पंजाब-दिल्ली में कैसे? हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Edited By Urmila,Updated: 11 Sep, 2026 04:09 PM

questions raised in the high court regarding harjot bains s visit to canada

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस से जुड़े एक मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।

चंडीगढ़: पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस से जुड़े एक मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। मामला जनवरी 2024 में मंत्री के कनाडा दौरे और उसी दौरान सरकारी रिकॉर्ड में पंजाब व दिल्ली में उनकी मौजूदगी से संबंधित दावों का है।

जालंधर निवासी करण प्रीत सिंह ने इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और हरजोत सिंह बैंस को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने मंत्री के विदेश दौरे से जुड़े रिकॉर्ड, मंजूरी प्रक्रिया और यात्रा पर हुए सरकारी खर्च की जांच कराने की मांग की है।

याचिका में सबसे बड़ा सवाल 17 से 20 जनवरी 2024 की अवधि को लेकर उठाया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि इन तारीखों के दौरान हरजोत सिंह बैंस कनाडा के निजी दौरे पर थे। वहीं दूसरी ओर सरकारी दस्तावेजों में इसी अवधि के दौरान उनके चंडीगढ़, रोपड़, कीरतपुर साहिब, आनंदपुर साहिब और दिल्ली में विभिन्न कार्यक्रमों या दौरों का रिकॉर्ड होने की बात कही गई है।

याचिकाकर्ता ने अदालत के सामने इसी विरोधाभास को आधार बनाते हुए सवाल उठाया है कि एक ही अवधि में मंत्री की विदेश में मौजूदगी और पंजाब-दिल्ली में सरकारी दौरे से जुड़े रिकॉर्ड एक साथ कैसे मौजूद हैं।

विदेश यात्रा की मंजूरी और सरकारी खर्च पर भी सवाल

जनहित याचिका में यह भी कहा गया है कि विदेश यात्रा से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक मंजूरी ली जानी चाहिए थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस बात की जांच कराने की मांग की है कि कनाडा दौरे के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं। इसके अलावा याचिका में पंजाब सरकार की ओर से मंत्री के हवाई टिकट के लिए करीब 3 लाख रुपये के भुगतान को मंजूरी दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता ने इस भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और यात्रा भत्ते की भी जांच की मांग की है।

11 सितंबर को हुई सुनवाई

इस मामले पर 11 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब सरकार से इस पूरे मामले पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत के सामने यह सवाल भी आया कि यदि रिकॉर्ड के मुताबिक एक ही समय में अलग-अलग जगहों पर मौजूदगी दिखाई जा रही है, तो इसकी वास्तविक स्थिति क्या है। फिलहाल पंजाब सरकार की ओर से इस मामले पर विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। मंत्री हरजोत सिंह बैंस की ओर से भी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।

पहले विदेश मंत्रालय तक पहुंचा था मामला

याचिकाकर्ता करण प्रीत सिंह का कहना है कि उन्होंने हाईकोर्ट जाने से पहले इस मामले को विदेश मंत्रालय के समक्ष भी उठाया था। उनके मुताबिक 9 मार्च 2025 को शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कथित तौर पर उस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की।

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