पंजाब में चावल की खेती करने वाले किसानों को मोदी सरकार ने दिया झटका, रखी नई शर्त

Edited By Vatika,Updated: 04 Mar, 2021 05:12 PM

kisan andolan the center refused to take punjab s rice

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच पंजाब को बड़ा झटका लगा है।

चंडीगढ़: कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच पंजाब को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, केंद्र सरकार ने नया दांव खेलते पंजाब की चावल मिलों  से चावल लेने बंद कर दिए हैं, जिस कारण 4300 के करीब मिलों में छंटाई का काम बंद हो गया है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस 16 फरवरी को फरमान जारी करते हुए कहा था कि पंजाब में से तब ही चावल लिया जाएगा अगर इन चावलों में प्रोटीन वाला चावल (फोर्टिफाइड राइस) मिक्स किया होगा। पंजाब की चावल मिलों के पास इस तरह का कोई प्रबंध नहीं है कि रातों -रात प्रोटीन वाले चावल आम चावलों में मिक्स कर सकें।

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केंद्र ने स्पष्ट कही यह बात
सूत्रों अनुसार केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने पत्र में बताया था कि मिड -डे-मील और आंगनवाड़ी सेंटरों में दिए जाते अनाज के तहत प्रोटीन की मात्रा वाला चावल दिया जाना है, जिनकी डिलीवरी 6 राज्यों से ली जानी है। इन राज्य में पंजाब को भी शामिल किया गया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रोटीन वाला चावल मिक्स करके नहीं दिया जाएगा तो बाकी चावलों की डिलीवरी भी नहीं ली जाएगी। मिक्स करने के लिए करीब 10 हज़ार मीट्रिक टन प्रोटीन वाला चावल जरूरी है।
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मिलिंग के काम को लगी ब्रेक
पंजाब की चावल मिलों को 1.99 करोड़ मीट्रिक टन प्रोटीन टन धान भंडार की गई थी, जिसकी डिलीवरी चावल मिलों ने मार्च महीने में देनी थी। यहां काम तेजी से चल रहा था लेकिन अब केंद्र की नई शर्त के कारण मिलींग के काम को ब्रेक लग गई है। प्रोटीन वाले चावल का कारोबार करने वाली देश व्यापक फर्मों ने भी कह दिया है कि वह मिक्स किए जाने वाला चावल 30 जून से पहले आम मिल मालिकों को नहीं दे सकतीं। अब यदि केंद्र सरकार ज़िद्दी है कि वह बिना प्रोटीन वाले चावल से आम चावल भी नहीं लेगी तो गेहूं के सीजन के लिए भी केंद्र सरकार की तरफ से सी. सी. एल. देने से इन्कार कर देने की संभावना है।

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