जालंधर के युवक का केन्या से रेस्क्यू, घर पहुंचते ही बेटी से लिपटते छलके आंसू, सुनाई खौफनाक दास्तां

Edited By Urmila,Updated: 22 Sep, 2026 12:08 PM

jalandhar youth rescued from kenya

विदेश जाने का सपना लेकर केन्या पहुंचे जालंधर के राकेश कुमार ने वहां जो डरावना दौर देखा, उससे बाहर निकलकर आखिरकार वह अपने परिवार के बीच पहुंच गया है।

जालंधर: विदेश जाने का सपना लेकर केन्या पहुंचे जालंधर के राकेश कुमार ने वहां जो डरावना दौर देखा, उससे बाहर निकलकर आखिरकार वह अपने परिवार के बीच पहुंच गया है। 21 सितंबर को घर लौटे राकेश ने अपनी 11 महीने की बेटी को गोद में उठाया तो उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। परिवार के लिए यह पल राहत और भावुकता से भरा रहा।

राकेश उन तीन भारतीय युवकों में शामिल था, जिन्हें केन्या में कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। आरोप है कि युवकों के परिवारों को उनकी तस्वीरें और धमकी भरे वीडियो भेजकर करीब 70 हजार डॉलर की मांग की गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू और भारतीय दूतावास ने केन्या की पुलिस व संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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इटली जाने के लिए निकला था, केन्या में फंसा

राकेश के अनुसार, उसे इटली भेजने का भरोसा एक एजेंट ने दिलाया था। परिवार ने इस काम के लिए करीब 95 लाख रुपए का सौदा तय किया था। शुरुआत में 2 लाख रुपए बतौर एडवांस दिए गए। एजेंट की ओर से बताया गया कि यात्रा का पहला पड़ाव केन्या होगा और नैरोबी पहुंचने के बाद इटली का वीजा लगवाकर आगे भेज दिया जाएगा। इसी भरोसे पर राकेश 4 अगस्त को भारत से रवाना हुआ और अगले दिन नैरोबी पहुंच गया। उसे अंदाजा नहीं था कि एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उसकी यात्रा का रुख पूरी तरह बदल जाएगा।

तस्वीर देखकर पहचानने वाला शख्स बना मुसीबत की वजह

राकेश ने बताया कि एयरपोर्ट के बाहर एक व्यक्ति उसकी फोटो लेकर इंतजार कर रहा था। उसने राकेश के साथ अवतार सिंह और सुरिंदर सिंह को भी गाड़ी में बैठाया। कुछ दूरी तय करने के बाद दो और लोग गाड़ी में आ गए। इसके बाद उन्हें ऐसी जगह ले जाया गया, जहां बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल हो गया। राकेश का दावा है कि वहां मौजूद लोगों ने तीनों के मोबाइल फोन और पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिए। वीजा से जुड़े कागजात के साथ उनके पास मौजूद विदेशी और भारतीय मुद्रा भी ले ली गई। इसके बाद उन्हें एक कमरे में रखा गया और बाहर जाने पर रोक लगा दी गई।

परिवार को डराने के लिए बनाया गया वीडियो

राकेश के मुताबिक, कुछ समय बाद बंधक बनाने वालों ने उनसे कहा कि जिस एजेंट के जरिए वे आए हैं, उसने कथित तौर पर भुगतान नहीं किया। इसके बाद परिवार से सीधे रकम वसूलने की बात कही गई। उसने आरोप लगाया कि उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और इसी दौरान एक वीडियो तैयार किया गया। वीडियो में उसे घायल दिखाने के लिए चेहरे पर लाल रंग लगाया गया था। उसके साथियों से कैमरे के सामने फिरौती की रकम का इंतजाम करने की अपील करवाने का भी आरोप है। इस वीडियो के जरिए परिवार को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि अगर रकम नहीं पहुंची तो राकेश की जान को खतरा हो सकता है। वीडियो फ्रांस में रह रहे उसके मामा सोमनाथ और अन्य परिजनों तक पहुंचा तो उन्होंने तुरंत मदद की कोशिश शुरू की।Kenya Kidnapping

 

फ्रांस से लेकर भारत तक मदद के लिए जुटे लोग

परिजनों ने इंडियन माइनॉरिटी फेडरेशन के कुलविंदर सिंह और राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू से संपर्क किया। इसके बाद भारतीय दूतावास के माध्यम से केन्या के अधिकारियों और पुलिस के साथ संपर्क स्थापित किया गया। राकेश के मुताबिक, 10 सितंबर की रात करीब 2 बजे केन्या पुलिस उस स्थान तक पहुंची, जहां उन्हें रखा गया था। अचानक हुई कार्रवाई से वह घबरा गया, लेकिन पुलिस होने की जानकारी मिलने के बाद उसे राहत मिली। पुलिस ने वहां मौजूद छह संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनमें तीन पाकिस्तानी और तीन केन्याई नागरिक बताए गए हैं।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत लौटा

रेस्क्यू के बाद तीनों भारतीय युवकों को पहले स्थानीय पुलिस की सुरक्षा में रखा गया और बाद में भारतीय दूतावास की निगरानी में ले जाया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों को केन्या की अदालत ने 14 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जरूरी कानूनी प्रक्रिया और बयान दर्ज होने के बाद राकेश भारत वापस आया। 21 सितंबर को जब वह अपने घर पहुंचा तो परिवार ने उसे देखते ही राहत की सांस ली। बेटी को गोद में लेते ही राकेश भावुक हो गया और काफी देर तक उसे अपने सीने से लगाए रहा।

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युवाओं को राकेश की सलाह

राकेश ने विदेश जाने की तैयारी कर रहे पंजाब के युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उसका कहना है कि किसी एजेंट के भरोसे विदेश जाने से पहले वीजा, पासपोर्ट और पूरी यात्रा प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए। परिवार ने भी कथित तौर पर ठगी करने वाले स्थानीय एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि दूसरे परिवार इस तरह के जाल में न फंसें।

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