जालंधर में लगने वाली पटाखा मार्केट पर बड़ा अपडेट, पंचायत के साथ विवाद सुलझाने को तैयार कारोबारी

Edited By Kalash,Updated: 25 Oct, 2026 10:20 AM

jalandhar cracker market

गांव राओवाली में अस्थायी पटाखा मार्कीट लगाने को लेकर पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए पटाखा कारोबारी और एसोसिएशनें गांव की पंचायत के साथ मिलकर चलने को तैयार हैं।

जालंधर (खुराना): गांव राओवाली में अस्थायी पटाखा मार्कीट लगाने को लेकर पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए पटाखा कारोबारी और एसोसिएशनें गांव की पंचायत के साथ मिलकर चलने को तैयार हैं। कारोबारियों ने स्पष्ट किया है कि पंचायत सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर जो भी हिदायतें देगी, उनका पूरा पालन किया जाएगा। वे पंचायत को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

पटाखा कारोबारियों ने कहा कि वे गांव की पंचायत, सरपंच और पंचों का पूरा सम्मान करते हैं। उनका पंचायत के किसी भी सदस्य के साथ पैसों का कोई लेनदेन नहीं हुआ है और न ही किसी को कोई मुआवजा दिया गया है। कारोबारियों ने स्पष्ट किया कि पंचायत की ओर से भी उनके सामने पैसों की कोई मांग नहीं रखी गई थी। लेनदेन को लेकर फैलाई जा रही खबरों को उन्होंने गलत बताया है।

कारोबारियों के अनुसार, एसोसिएशनों ने जिस जमीन को किराए पर लिया है, उसका किराया जमीन मालिक को दे दिया गया है। इसके अलावा, जिस किसान ने इस जमीन पर फसल बीजी थी, उसे भी फसल का मुआवजा दिया जा चुका है। कारोबारियों ने कहा कि जमीन मालिक और किसान से संबंधित भुगतान के अलावा पंचायत, सरपंच या पंचों के साथ किसी तरह का आर्थिक लेनदेन नहीं हुआ है।

कारोबारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य गांव की पंचायत के साथ टकराव करना नहीं, बल्कि आपसी सहमति से समस्या का समाधान निकालना है। वे चाहते हैं कि पंचायत की चिंताओं को समझते हुए सभी सुरक्षा मापदंडों का पालन किया जाए और ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे गांव के लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो तथा पटाखा कारोबारियों को भी अपना कारोबार करने का अवसर मिल सके।

कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी कारोबारियों की चिंता 

गौरतलब है कि पठानकोट रोड स्थित गांव राओवाली में 5.5 एकड़ जमीन पर अस्थायी पटाखा मार्कीट लगाने की योजना को उस समय झटका लगा था, जब गांव की पंचायत के विरोध के बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन गुरप्रीत सिंह की अदालत ने 23 अक्तूबर को अगली सुनवाई तक इस जमीन पर पटाखा मार्केट स्थापित करने और चलाने पर रोक लगा दी थी। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होनी है।

अब कारोबारियों की कोशिश है कि पंचायत के साथ बातचीत करके आपसी सहमति बनाई जाए। माना जा रहा है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन जाती है, तो अदालत में चल रहे मामले को वापस लेने का रास्ता निकल सकता है और पटाखा मार्केट लगाने की संभावनाएं फिर से बन सकती हैं। हालांकि, इसके लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी होना और अदालत के आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई होना जरूरी होगा। दिवाली नजदीक होने के कारण पटाखा कारोबारियों के लिए समय काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में कारोबारी चाहते हैं कि पंचायत के साथ बातचीत से जल्द समाधान निकले, ताकि सभी पक्षों के हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे का रास्ता साफ हो सके।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!