Edited By Vatika,Updated: 23 Jul, 2026 12:09 PM

ट्रांसपोर्ट पोर्टल में बदलाव से बढ़ीं लोगों की परेशानियां, स्टेट ट्रांसपोर्ट एडवाइजरी कमेटी ने सरकार को भेजे सुझाव
लुधियाना (राम): ट्रांसपोर्ट विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में हाल ही में किए गए बदलावों को लेकर स्टेट ट्रांसपोर्ट एडवाइजरी कमेटी ने आपत्ति जताई है। कमेटी का कहना है कि नई तकनीकी प्रक्रियाओं और अतिरिक्त औपचारिकताओं के कारण ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ आम लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई मामलों में वाहनों से संबंधित दस्तावेज समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कमेटी के प्रधान अवतार सिंह तारी और जनरल सैक्रेटरी कृष्ण थापा ने संयुक्त रूप से कहा कि इस संबंध में आर.टी.ओ. लुधियाना को लिखित सुझाव सौंपे गए हैं। साथ ही सरकार और परिवहन विभाग से पोर्टल में किए गए गैर-जरूरी बदलावों को वापस लेकर प्रक्रिया को पहले की तरह सरल बनाने की मांग की गई है।मोबाइल नंबर अपडेट करना हुआ जटिलकमेटी ने कहा कि पहले वाहन की आरसी से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट करना आसान था, लेकिन अब इसके लिए बार-बार दस्तावेज अपलोड करने, क्लर्क से सत्यापन और आर.टी.ओ. की मंजूरी जैसी अतिरिक्त प्रक्रियाएं लागू कर दी गई हैं। उनका सुझाव है कि पहले की तरह केवल चेसिस नंबर और इंजन नंबर के आधार पर मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा बहाल की जाए, ताकि काम तेजी से हो सके।
आर.सी. ट्रांसफर और एच.पी. क्लीयरैंस एक साथ करने की मांग
कमेटी के अनुसार, आर.सी. ट्रांसफर और हाइपोथिकेशन (एचपी) क्लीयरेंस के लिए अलग-अलग आवेदन करने की नई व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। उनका कहना है कि कई वाहन वर्षों पहले खरीदे गए थे और उनके पुराने मालिक विदेश जा चुके हैं या उनके मोबाइल नंबर बंद हो चुके हैं। ऐसे में ओ.टी.पी. प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए पहले की तरह दोनों प्रक्रियाएं एक साथ पूरी करने की सुविधा फिर से शुरू की जानी चाहिए।
बार-बार जुर्माना लगाने पर जताई आपत्ति
कमेटी ने आरोप लगाया कि कमर्शियल वाहनों की पासिंग के दौरान बार-बार जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि पासिंग फीस में पहले से ही संबंधित शुल्क शामिल होता है। उनका कहना है कि यदि वाहन मालिक विभाग में आवेदन देता है तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए और अनावश्यक जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए। कमेटी का दावा है कि कई मामलों में वाहन मालिकों को एक ही काम के लिए कई बार जुर्माना भरना पड़ता है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ विभाग की छवि भी प्रभावित होती है।
पुरानी गाड़ियों की नंबर प्लेट बनवाने में भी आ रही दिक्कत
कमेटी ने बताया कि पोर्टल में बदलाव के कारण पुरानी गाड़ियों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एच.एस.आर.पी.) बुक कराने में भी समस्याएं सामने आ रही हैं। मौजूदा आर.सी. और पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड में अंतर होने के कारण आवेदन स्वीकार नहीं हो रहे हैं। ऐसे मामलों में वाहन मालिकों को रिकॉर्ड संशोधित कराने के लिए अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं होती। कमेटी ने मांग की कि विभाग अपने रिकॉर्ड का मिलान कर बिना अनावश्यक शर्तों के संशोधन की प्रक्रिया पूरी करे, ताकि लोगों को समय और धन दोनों का नुकसान न उठाना पड़े। कमेटी के प्रधान अवतार सिंह तारी और जनरल सैक्रेटरी कृष्ण थापा ने सरकार और परिवहन विभाग से अपील की है कि ट्रांसपोर्ट पोर्टल में किए गए गैर-जरूरी बदलावों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाए तथा पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जाए, ताकि आम लोगों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को राहत मिल सके।