Edited By Subhash Kapoor,Updated: 09 Jan, 2026 06:13 PM

शहर में अब वाहन पार्किंग स्थलों—जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, अस्पताल, भीड़भाड़ वाले बाजार तथा अन्य पार्किंग स्थलों—के मालिक/प्रबंधक (कंप्लेक्स के अंदर या बाहर) सीसीटीवी कैमरे लगाए बिना वाहन पार्किंग संचालित नहीं कर सकेंगे। जालंधर...
जालंधर : शहर में अब वाहन पार्किंग स्थलों—जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, अस्पताल, भीड़भाड़ वाले बाजार तथा अन्य पार्किंग स्थलों—के मालिक/प्रबंधक (कंप्लेक्स के अंदर या बाहर) सीसीटीवी कैमरे लगाए बिना वाहन पार्किंग संचालित नहीं कर सकेंगे। जालंधर पुलिस ने जारी आदेशों में कहा है कि सीसीटीवी कैमरे इस प्रकार लगाए जाएं कि पार्किंग के अंदर/बाहर आने-जाने वाले वाहनों की नंबर प्लेट और वाहन चालक का चेहरा स्पष्ट दिखाई दे। साथ ही लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की 45 दिनों की रिकॉर्डिंग की सीडी तैयार कर हर 15 दिन बाद पुलिस कमिश्नर जालंधर के सुरक्षा शाखा कार्यालय में जमा करवाई जाए।
इसी प्रकार, पार्किंग में खड़े किए जाने वाले वाहनों के मालिकों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। यदि वाहन एक दिन के लिए खड़ा किया जाता है तो रजिस्टर में व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, आईडी, वाहन का प्रकार, रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, वाहन पार्क करने की तिथि और वाहन वापस लेने की तिथि दर्ज करवाई जाएगी तथा वाहन मालिक के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। यदि वाहन एक दिन से अधिक समय के लिए खड़ा किया जाता है तो उपरोक्त विवरण के साथ-साथ वाहन मालिक से वाहन रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी लेकर रिकॉर्ड में रखी जाएगी। इसके अलावा पार्किंग स्थलों पर कार्यरत कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन संबंधित थानों से करवाई जाएगी।
आदेश के अनुसार कोई भी दुकानदार/दर्जी सैनिक, अर्धसैनिक बल या पुलिस की तैयार वर्दी अथवा कपड़ा लेकर सिली हुई वर्दी, खरीदार की सही पहचान किए बिना नहीं बेचेगा। वर्दी खरीदने वाले व्यक्ति का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित फोटो कॉपी रखी जाएगी तथा खरीदार का रैंक, नाम, पता, फोन नंबर और तैनाती स्थल का रिकॉर्ड रजिस्टर में संधारित किया जाएगा। यह रजिस्टर हर दो महीने में एक बार संबंधित थाना प्रभारी से सत्यापित कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को उपलब्ध कराया जाएगा।
एक अन्य आदेश के अनुसार पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की सीमा में सड़कों व फुटपाथों पर अनधिकृत बोर्ड लगाने, तथा दुकानदारों द्वारा दुकान की सीमा से बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान रखकर बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी प्रकार साइबर अपराध को रोकने और जनहित में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेश जारी किए गए हैं कि पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की सीमा में आने वाले सभी मोबाइल फोन और सिम विक्रेता, खरीदार से पहचान पत्र/आईडी प्रूफ/फोटो प्राप्त किए बिना मोबाइल फोन और सिम नहीं बेचेंगे। मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के समय विक्रेता द्वारा अपनी फर्म की मोहर और हस्ताक्षर सहित ‘परचेज सर्टिफिकेट’ दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, यदि फोन की खरीद के समय यूपीआई/कार्ड/ऑनलाइन भुगतान किसी रिश्तेदार या परिचित के खाते से किया जाता है, तो उस व्यक्ति का आईडी प्रूफ भी दुकानदार द्वारा लिया जाएगा। ग्राहक का नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम, पूरा पता, आईडी प्रूफ, मोबाइल/सिम खरीदने वाले व्यक्ति के अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर, बिक्री/खरीद की तिथि व समय, भुगतान करने वाले व्यक्ति का आईडी प्रूफ तथा ग्राहक की फोटो सहित रिकॉर्ड रजिस्टर में संधारित किया जाएगा।
एक अन्य आदेश के तहत पुलिस कमिश्नरेट जालंधर क्षेत्र में पतंग उड़ाने के लिए प्रयुक्त चाइना/मांझा डोर (नायलॉन, प्लास्टिक या सिंथेटिक सामग्री से बनी डोर/धागा या जिस पर सिंथेटिक/कांच/तेज धातु की परत चढ़ी हो और जो पंजाब सरकार के मानकों के अनुरूप न हो) के निर्माण, बिक्री, भंडारण, खरीद, सप्लाई, आयात और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि पतंग उड़ाने की अनुमति केवल सूती धागे से ही होगी, जिसमें किसी भी प्रकार की तेज, धातु, कांच या धागे को मजबूत करने वाली चिपकी हुई परत न हो।