Edited By Vatika,Updated: 24 Apr, 2026 03:51 PM

हिमाचल प्रदेश के उद्योगपति और दानवीर डॉ. महिंद्र शर्मा ने पवित्र बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं
शिमला: हिमाचल प्रदेश के उद्योगपति और दानवीर डॉ. महिंद्र शर्मा ने पवित्र बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को 1 करोड़ 1 लाख रुपये का दान दिया है।
...ताकि लोग महंगी निजी सेवाओं पर निर्भर न रहें
यह राशि उन्होंने केदारनाथ मंदिर परिसर में समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को औपचारिक रूप से चेक के माध्यम से सौंपी। डॉ. शर्मा ने बताया कि यह धनराशि मंदिरों में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने, ठहरने, भोजन और यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीमित यात्रा सीजन के दौरान लाखों श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, ऐसे में सरकारी सुविधाओं का विस्तार करना जरूरी है, ताकि लोग महंगी निजी सेवाओं पर निर्भर न रहें।
वर्ष 2024 से 2030 तक हर वीरवार चल रहा अटूट लंगर
डॉ. महिंद्र शर्मा, जो बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य भी हैं, इससे पहले वर्ष 2018 में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में चांदी का आवरण चढ़वा चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2023 में उन्होंने दान की गिनती में पारदर्शिता लाने के लिए मंदिर परिसर में एक आधुनिक ग्लास हाउस भी दान किया था, जो अत्यधिक ठंड में भी सुरक्षित रहता है। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय डॉ. शर्मा ने माता वैष्णो देवी धाम में भी कई योगदान दिए हैं। वर्ष 2024 से 2030 तक वे हर वीरवार ताराकोट में अटूट लंगर चला रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने 1 करोड़ रुपये श्राइन बोर्ड को दान किए हैं। साथ ही, वर्ष 2020 में उन्होंने दुर्गा भवन निर्माण के लिए भी 1 करोड़ रुपये दिए थे।
अपने पैतृक जिला ऊना में स्थित शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर के गर्भगृह को चांदी से सजाने के लिए भी उन्होंने करीब 3 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस उदार दान के लिए डॉ. महिंद्र शर्मा का आभार जताया और कहा कि इससे अन्य उद्योगपतियों को भी धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरणा मिलेगी। गौरतलब है कि 61 वर्षीय डॉ. महिंद्र शर्मा एएनएस कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हैं। उनकी कंपनी रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में अग्रणी मानी जाती है। वे ऊना जिले के बढेड़ा राजपूतां गांव से संबंध रखते हैं और समाजसेवा की भावना उन्हें विरासत में मिली है।