Edited By Kamini,Updated: 18 Mar, 2026 05:38 PM

पता चला कि ऊषा रानी के पति, जो BSF में तैनात थे, के किसी दूसरी महिला के साथ नाजायज रिश्ते थे। इसी वजह से उसने अपनी गर्लफ्रेंड और उसके भाई के साथ मिलकर अपनी पत्नी ऊषा रानी की हत्या की साजिश रची।
फाजिल्का (सुनील नागपाल): फाजिल्का की एक कोर्ट ने 2021 में एक महिला की हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मृतक महिला के पति समेत 3 आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। इसके साथ ही हर आरोपी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अगर वे जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें एक साल और जेल में रहना होगा। यह फैसला फाजिल्का के माननीय अजीत पाल सिंह की कोर्ट ने सुनाया है।
जानकारी के मुताबिक, 17 नवंबर 2021 को गांव तुर्कावाली में ऊषा रानी नाम की महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में पता चला कि ऊषा रानी के पति, जो BSF में तैनात थे, के किसी दूसरी महिला के साथ नाजायज रिश्ते थे। इसी वजह से उसने अपनी गर्लफ्रेंड और उसके भाई के साथ मिलकर अपनी पत्नी ऊषा रानी की हत्या की साजिश रची।
सलेमशाह गांव में रहने वाले मृतका के भाई सुखविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें 5 साल बाद कोर्ट से इंसाफ मिला है। उन्होंने 2021 में अपनी बहन की हत्या के बाद पुलिस में केस दर्ज कराया था, जिसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया। वकील राजिंदर चुचरा ने बताया कि उन्होंने कोर्ट के सामने सारे सबूत पेश किए। 5 साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया है। जिसमें मृतक महिला के पति, आरोपी मक्खन सिंह और उसके साथी बिंदर कौर और निक्का सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही तीनों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अगर वे जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें एक साल और जेल काटनी होगी। इसके साथ ही मृतका के बच्चों की परवरिश के लिए सरकारी लेवल पर सुविधाएं देने का फैसला किया गया है, ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
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