Edited By Urmila,Updated: 07 Mar, 2026 02:28 PM

जिला मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू (IAS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पुरानी CrPC, 1973 की धारा 144) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए जिले में विभिन्न पाबंदियों के आदेश जारी किए हैं।
फाजिल्का (कृष्ण) : जिला मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू (IAS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पुरानी CrPC, 1973 की धारा 144) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए जिले में विभिन्न पाबंदियों के आदेश जारी किए हैं। ये पाबंदियां 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेंगी और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आदेशों के अनुसार, जिला फाजिल्का की सीमा के अंदर आने वाली सभी सरकारी इमारतों और पानी की टंकियों पर आम जनता, व्यक्तियों या प्रदर्शनकारियों के चढ़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों और चौकीदारों की 24 घंटे ड्यूटी लगाएं, ताकि किसी भी संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन की ऐसी कार्रवाई को रोका जा सके। आदेशों में कहा गया है कि अक्सर संगठन अपनी मांगें मनवाने के लिए अनाधिकृत तौर पर पानी की टंकियों या सरकारी इमारतों पर चढ़ जाते हैं, जिससे उन्हें खुद को या आम लोगों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, शरारती तत्वों द्वारा पानी की टंकियों पर चढ़कर पीने वाले पानी में कोई जहरीली वस्तु मिलाने, तोड़फोड़ करने या आत्मदाह की धमकियां देने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इन आदेशों का उल्लंघन होने पर संबंधित विभाग के जिला प्रमुख की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसके साथ ही, जिला फाजिल्का में सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गौवंश की ढुलाई (आवाजाही) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों ने गौवंश रखे हुए हैं, वे पशुपालन विभाग के पास अपना पंजीकरण जरूर करवाएं।
जिला मजिस्ट्रेट ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और फेंसिंग (सुरक्षा तार) के बीच, तथा तार से भारत की तरफ 70 से 100 मीटर के दायरे में ऊंची फसलें बोने पर भी मनाही के आदेश जारी किए हैं। BSF के अधिकारियों द्वारा ध्यान दिलाए जाने के बाद यह पाबंदी लगाई गई है, क्योंकि कुछ किसान इस क्षेत्र में 4.5 फुट से ऊंची फसलें जैसे बी.टी. नरमा, मक्का, ग्वार, ज्वार, गन्ना, सरसों, तोरिया और सूरजमुखी आदि बो रहे थे। एक अन्य आदेश के तहत, फाजिल्का जिले की सीमा के अंदर पतंगबाजी आदि के लिए 'चाइना डोर' को बेचने, स्टोर करने और इसके इस्तेमाल करने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई है।
जिला मजिस्ट्रेट के जारी आदेशों के अनुसार, किसी भी रेस्टोरेंट या हुक्का बार में ग्राहकों को हुक्का नहीं परोसा जा सकेगा। यह आदेश जिले के सभी गांवों और नगर परिषदों की सीमा में लागू रहेंगे। उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पर्यावरण सुरक्षा के मद्देनजर एक अन्य आदेश में जिले के अंदर 50 माइक्रोन से कम मोटाई, 8x13 इंच से कम आकार और बिना निर्धारित रंग वाले अलग-अलग प्लास्टिक के लिफाफों को बनाने और उनके उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा इन लिफाफों को नालियों, सीवरेज या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने पर भी पाबंदी लगाई गई है।
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