धान की बुआई को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी, दाम हुए दुगने

Edited By Sunita sarangal,Updated: 29 May, 2020 11:40 AM

farmers worry about paddy sowing prices double

कोरोना जैसी भयानक महामारी के चलते पूरे देश भर में हुए लॉकडाउन के कारण पंजाब सहित कई राज्यों में से बहुत-से प्रवासी मजदूर.....

पटियाला: कोरोना जैसी भयानक महामारी के चलते पूरे देश भर में हुए लॉकडाउन के कारण पंजाब सहित कई राज्यों में से बहुत-से प्रवासी मजदूर अपने राज्यों को जा चुके हैं। इन प्रवासी मजदूरों के पंजाब में से जाने के कारण धान की बुआई का बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है, जिसके कारण राज्य के किसान गहरी चिंता में दिखाई दे रहे हैं। इन प्रवासी मजदूरों को ढूंढने और पंजाब में वापस बुलाने के लिए किसानों की ओर से कई पेशकश दी जा रही हैं, जिनमें से मजदूरों के खातों में से ऑनलाइन भुगतान, स्थाई निवास, शराब, राशन, मोबाइल रिचार्ज आदि शामिल है।

वहीं प्रवासी मजदूर मोबाइल आधारित एप द्वारा सुरक्षा के तौर पर 25 प्रतिशत एडवांस की मांग कर रहे हैं। साथ ही पंजाब में पिछले सीजन के मुकाबले इस साल धान की बुआई 3200 प्रति एकड़ के हिसाब से बढ़ कर 7000 हो गई है। पंजाब सरकार की ओर से 3.89 लाख लेबर को वापस उनके घरों में भेजने से किसानों की मुश्किलों और बढ़ गई हैं। दूसरी ओर धान की फसल लगाने के लिए समय सीमा भी घटा दी गई है।

इस संबंधी बिहार के रहने वाले जय प्रकाश का कहना है कि वह धान की फसल लगाने के लिए तैयार है बशर्ते कि उसे 5500 रुपए प्रति एकड़ बुवाई मिले। उसने कहा कि वह बहुत कम लोग बचे हैं। जिक्रयोग्य है कि किसानों की मुश्किलें इस पर भी बढ़ गई हैं कि पिछले साल जो बीज 58 रुपए किलो मिल रहा था, इस बार वह 150 रुपए किलो मिल रहा है। पिछले साल 29.30 लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई था।

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