Edited By Vatika,Updated: 06 Mar, 2026 04:48 PM

चार दर्जन संगठनों ने एकजुट होकर लगाया धरना
बठिंडा(परमिंद्र): पुलिस प्रशासन की ओर से गत दिनों गांव जियौंद में किसानों पर किए गए जब्र के विरोध में चार दर्जन के करीब किसान, मजदूर, मुलाजिम व अन्य सार्वजनिक संगठनों ने बठिंडा में एक विशाल रोष रैली की। रैली में हजारों की संख्या में वर्करों ने हिस्सा लिया व बठिंडा पुलिस प्रशासन विशेषकर एसएसपी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की मांग की। बाद में संगठनों ने शहर में एक रोष मार्च भी किया।

धरने के दौरान अलग-अलग संगठनों के नेताओं के अलावा पुलिस अत्याचार का शिकार हुए किसान चरनजीत सिंह निवासी माड़ी व पुलिस लाठीचार्ज में जख्मी हुए अन्य किसानों ने भी शिरकत की। वक्ताओं ने कहा कि पंजाब सरकार व पुलिस प्रशासन किसानों-मजदूरों के अलावा हर आम आदमी की आवाज को लाठी व गोली के दम से दबाना चाहते हैं लेकिन सरकार की इस प्रकार की मंशा को लोग कभी पूरा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि धरने-प्रदर्शनों से निकली पार्टी का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी को अब आम लोगों के धरनों से डर लगने लगा है। उन्होंने कहा कि बठिंडा पुलिस को सरकार की ओर से विशेष हिदायतें दी गई हैं कि इस पूरे क्षेत्र में सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को सख्ती से दबाया जाए।

उन्होंने कहा कि एसएसपी बठिंडा के पीछे मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा आप सुप्रीमो केजरीवाला का हाथ है जबकि उक्त दोनों नेताओं के पीछे प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ने पूरी तरह अमरीका के सामने घुटने टेक दिए हैं व अब अमरीका हमें बता रहा है कि तेल किस देश से खरीदना है। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार आम आदमी के हितों से खिलवाड़ करके नीतियां बना रही है वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार भी उन नीतियों पर चलते हुए आम लोगों का दमन करने पर तुली हुई है।