Edited By Kalash,Updated: 10 Jan, 2026 10:47 AM

अगर समय पर इलाज न करवाया जाए तो कई बार यह खतरे का कारण बन सकता है।
फाजिल्का (लीलाधर): सेहत विभाग फाजिल्का द्वारा डायरेक्टर सेहत विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों के अनुसार सर्दी और धुंध से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, ज्यादा समय से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों और गर्भवती महिलाओं के बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, क्योंकि ये सर्दी में ज्यादा प्रभावित होते हैं। इन शब्दों का प्रकटावा सिविल सर्जन फाजिल्का डॉक्टर कविता सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि सर्दी लगने के कारण अगर समय पर इलाज न करवाया जाए तो कई बार यह खतरे का कारण बन सकता है। जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. सुनीता कंबोज ने बताया कि सुबह और देर शाम या रात को ठंड और घनी धुंध के कारण घरों से बाहर जाने से परहेज करना चाहिए।
घनी धुंध के कारण होने वाले हादसे खतरनाक हो सकते हैं। घरों में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर कभी भी आग न सेंकी जाए, क्योंकि आग जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है जिससे बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जो कि सेहत के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। अगर किसी को कोई भी समस्या आती है तो तुरंत डॉक्टरी सलाह के अनुसार इलाज करवाना चाहिए।
विनोद कुमार जिला मास मीडिया और सूचना अफसर तथा दिवेश कुमार ने बताया कि छोटे बच्चे इस मौसम में ज्यादा बीमार होते हैं, इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने चाहिए और जूते-जुराबें तथा सिर पर टोपी पहननी चाहिए। बुजुर्ग, दमा और सांस की बीमारी के मरीज बहुत ज्यादा ठंड होने पर घरों से बाहर जाने से गुरेज करें और खुराक में भी गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी और संतुलित खुराक का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए थोड़े-थोड़े समय बाद या जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी पीना चाहिए।
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